Friday, 30 November 2012

स्वदेशी दिवस (३० नवम्बर)

आज स्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता भाई राजीव दीक्षित जी का जन्म दिवस है . संयोग से यहीं दिवस उनके पुण्य स्मरण का भी दिन है . इसे "स्वदेशी दिवस" के रूप में मनाया जाता है . आप सभी को स्वदेशी दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ .
- आज के दिन को आप किस तरह मनाना पसंद करेंगे ? आप के लिए कुछ सुझाव प्रस्तुत है .
- किसी स्वदेशी दुकान में जा कर खरीदारी करे . जैसे पतंजलि चिकित्सालय या गली के किराने की दूकान या कोई भी आप की मनपसंद स्वदेशी दुकान .
- सब्जी लेने जाए तो किसी बड़ी दुकान से ना ले कर किसी गरीब किसान या छोटे गुमटी वाले से फल और सब्जी ख़रीदे . 5-10 रुपयों के लिए उनसे बहस ना करे .
- अपने लिए काम करने वालों के सुख दुःख पूछे ; हो सके तो उन्हें मदद करे .
- स्वदेशी चिकित्सा अपनाए और औरों को प्रेरित करे .
- आज राजीव भाई का एक व्याख्यान परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर सुने .
- प्रण करे की खान पान और जीवन शैली में आयुर्वेद के नियम अपनाएंगे .
- मांसाहार और अंडे खाना छोड़ दे . कम से कम आज के दिन ना खाए .
- आप के आस पास मौजूद किसी ना किसी सामाजिक संस्था , गौशाला , जैविक खेती की कोई संस्था आदि से जुड़ कर ज़मीनी स्तर पर काम का शुभारम्भ करे .
- आज जहां तक हो सके अंग्रेजी का इस्तेमाल ना करे .
- आज के दिन भारतीय वस्त्र पहने .
- गर्व महसूस करें की हम भारतीय है .
- यदि आप के मन में कोई और भी सुझाव हो तो आमंत्रित है .
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=557894130891605&set=a.308915605789460.93329.308901045790916&type=1






३० नवंबर : राजीव दीक्षित भाई की जन्म दिवस और पुण्य तिथि : राष्ट्रवादी युवाओ के आदर्श क्यों बन गए राजीव भाई ????? राजीव जी ने हम साक्षरों को शिक्षित किया.......(१९६७-२०१०)
राजीव भाई के एक प्रखर समर्थक संदीपकुमार मौर्य जो पेशे से सिविल इंजीनियर हैं, ने बातों ही बातों में बताया की पिछले ५०० सालो में राजीव दीक्षित जैसा कोई आदमी भारत में पैदा ही नहीं हुआ तो मै भी सोच में पड गया और मै उनकी इन बातों का कारन जानने के लिए हर पहलू पर विचार किया तो पाया की वास्तविकता यही है की राजीव भाई में इतनी शक्ति होते हुए भी उनकी नैतिकता का कोई शानी नहीं है.
१) राजीव भाई एक वैज्ञानिक थे और ज्ञान के भण्डार थे जिस पर उन्होंने कभी घमंड नहीं किया और सिर्फ हकीकत को जानने की कोशिश किया और उसे सबको बताया.
२) एक प्रखर प्रवक्ता थे जो कठिन ज्ञान को भी सरल भाषा में व्याख्यान के जरिये सबको बताया.
३) राजीव भाई थे तो सैटेलाईट

टेक्नोलोजी वैज्ञानिक लेकिन उन्होंने धर्म, इतिहास, राजनीति, अर्थशाश्त्र, व्यापार, विदेशियों की लूट, खदानों की लूट, रक्षा अनुसंधान, आयुर्वेद, योग, उपनिषद, ग्राम विकास, उर्जा विज्ञान. खेती, दवाए सब पर बहुत ही बारीकी से अध्ययन किया और सबको जागरूक किया.
४) भारत की लूट के रहस्य “विदेशो में कालाधन” की सबसे पहले खुलासा किया.
५) शादी नहीं किया और पूरा जीवन जन सेवा और राष्ट्रसेवा में लगाया.
६) बहुत ही ईमानदार थे नैतिकता के पुजारी थे और इमानदारी से हर बात का सबूत एकत्रित किया और सबको साझा किया.
७) कभी पैसा कमाने की लाल्लसा नहीं पाली, देश के लिए ही लड़ते रहे.
८) कभी किसी से डरे नहीं और हर बात प्रमाण के साथ और शालीनता के साथ सबको बताया.
९) इतहास के रहस्य को भारत वासियों में बाटने वाले पहले व्यक्ति.
१०) कभी कोई नशा, मांस-मदिरा का सेवन नहीं किया. स्वस्थ और हसमुख थे,
११) बहुत कम सोये और बहुत अध्ययन करके हम सबको जगाया.
१२) “भारत स्वाभिमान” जैसे संगठन की बाबा रामदेवजी के साथ मिलाकर निर्माण किया जो राष्ट्र निर्माण में लगा हुआ है.
१३) बड़े से बड़े प्रलोभन को ठुकराया,
१४) गाय की रक्षा अभियान में बहुत काम किया बताया कैसे गोवंश भारत को महान बना देंगे.
१५) विदेशो में किताबो में बंद रहस्य को सरल भाषा में भारतवासियों को बताया.
१६) बिना की भय के भारत के लूट की साजिस को सबको बताया अपने व्याखानो के जरिये.
१७) भारत के इतिहास के खुलासो को सबसे पहले बिना डरे जनता को बताया.
अब क्या क्या लिखे, मै मानता हू जिसने राजीव दिक्सित के व्याख्यान नहीं सुने उसकी शिक्षा ही अधूरी है,
राजीव दीक्षित जी को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी की उनके व्याख्यानों (आडियो / वीडियो) को खुद सुने और लोगो की मोबाइलों में लोड करे, सैलूनो, बसों, पान की दुकानों, कम्पूटर की दुकानों में देकर सबको सुनाने के लिए कहे.

इस महान राष्ट्रवादी व्यक्तित्व को नमन.....
 
https://www.facebook.com/ankurtheprogrammer/posts/300599866718569


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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
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Thursday, 29 November 2012

दोगलापन ! बाल ठाकरे के खिलाफ लिखने वाली लड़कियाँ ! कॉंग्रेस के खिलाफ एयर इंडिया के दो कर्मचारी !

एक तरफ तो बाल ठाकरे के खिलाफ लिखने वाली लड़कियो के समर्थन मे सभी खरे हो जाते है, उसे गिरफ्तार करने वाले पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया जाता है, जज का तबादला कर दिया जाता है, काटजू, केजरीवाल और सभी कोंग्रेसी नेता के साथ साथ सभी मीडिया उन लड़कियो के समर्थन मे खड़ी दिखाई देती है।
वही दूसरी तरफ मुंबई मे कॉंग्रेस के ऊपर आपत्तिजनक कमेंट को लेकर एयर इंडिया के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। एयर इंडिया के कैबिन क्रू मेंबर्स मयंक मोहन शर्मा और केवीजे राव को मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया था, दोनों के घर पुलिस ने छापा मारा और इंर्फोमेशन टेक्नोलजी एक्ट की धारा 66 ए और 67 के तहत गिरफ्तार कर लिया। दोनों को 12 दिन पुलिस की कस्टडी में रहना पड़ा। इस दौरान एयर इंडिया ने दोनों को सस्पेंड कर दिया।
लेकिन इनके समर्थन मे कोई आवाज नहीं उठती, ना तो काटजू न ही केजरीवाल और ना हमारी मीडिया। आखिर क्यो ? सिर्फ इसलिए क्योकि उन लड़कियो ने बाल ठाकरे के खिलाफ बोला था और इन दोनों ने काँग्रेस के खिलाफ?

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Wednesday, 28 November 2012

भारत के महान सुपुत्र श्री राजीव दीक्षित जी ।



---------- अग्रेषित संदेश ----------
प्रेषक: Raveesh Patil <raveeshpatil AT gmail.com>


भाइयो  जरुर  पढ़े।

भारत के महान सुपुत्र श्री  राजीव दिक्षितजी ।





















































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Sunday, 25 November 2012

भारत की समस्याओ की सम्पूर्ण सूची


भारत की समस्याओ की सम्पूर्ण सूची

यह एक प्रयास है भारत की समस्याओ/सुझावो की सम्पूर्ण सूची बनाने का । (Bharat ToDo List)
आप भारत की समस्याओ के बारे में हमे बताये । आप किसी भी तरीके भी समस्याएँ और उनके हल सुझा सकते है । आपकी समस्या बहुत छोटी भी हो सकती है बहुत बड़ी भी । आप ये ना सोचे की समस्याए लिखने से क्या होगा ? आप बस ये सोचे की जब हम सब हमारी परेशानियो के बारे में लिखेंगे और उन पर विचार करेंगे तो उनका हल भी निकलेगा । इसके अलावा इस टूल से हम लोग परेशानियों का वर्गीकरण एवं प्राथमिकताकरण (categorisation and prioritisation)भी कर पाएंगे ।
आपके अनुसार कोई कानून गलत है तो आप उस कानून के बारे में लिख सकते है । आपके अनुसार किसी सरकार ने कोई गलत कानून लागू किया हो तो आप उसके बारे में लिख सकते है ।

उदाहरण

  • समस्या नंबर १ - हमें India शब्द को कानून बनाकर पूर्ण बहिस्कार कर देना चाहिये । हमें सिर्फ और सिर्फ "भारत" शब्द का ही उपयोग करना चाहिये ।
  • समस्या नंबर ४ - कांग्रेस को पूरी तरह से जड़ से खत्म होना चाहिये
  • समस्या नंबर १० - टोल टैक्स पूरी तरह खत्म होना चाहिये
  • समस्या नंबर १४ - १००-५००-१००० के नोट पूरी तरह से बंद होने चाहिये

नई समस्या/सुझाव दे

पूरी समस्या सुची



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Thursday, 22 November 2012

आमंत्रण पत्र : राजीव भाई की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित स्वदेशी दिवस समारोह, सेवाग्राम, वर्धा 30 नवम्बर - 1, 2 दिसम्बर 2012

 
आमंत्रण पत्र 
राजीव भाई की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित 
स्वदेशी दिवस समारोह, सेवाग्राम, वर्धा
30 नवम्बर - 1, 2 दिसम्बर 2012 

विशेष सूचना:-

  1. सेवाग्राम रेलवे स्टेशन से कर्यक्रम  स्थल तक जाने वालो की व्यवस्था की गई है। कृपया नीचे दिए गए फोन नम्बर पर संपर्क करें।
  2. उत्तर भारत की तुलना में ठंडी कम है फिर भी अपने साथ कम्बल और गर्म कपडे लायें।. दिन में स्वेटर की जरूरत नहीं है। लेकिन सुबह शाम ठण्ड रहती है।
  3. सेवाग्राम स्टेशन दिल्ली - चेन्नई रेलमार्ग पर नागपुर के बाद आता है। मुंबई-कलकत्ता या अहमदाबाद-हावड़ा मार्ग पर वर्धा जंक्शन पर उतरना पड़ेगा।
  4. कार्यक्रम के लिए 250/- रु . पंजीकरण शुल्क रखा गया है, जो रहने और खाने की न्यूनतम व्यवस्था में मदद के लिए है।
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प्रदीप दीक्षित, 09422140731, 07152-284014, 08380027016-25, 09822520113
(सेवाग्राम)
swadeshi bharat peetham (Trust), state Bank of India, sewagram Branch, A/C 30843976773 ISFC: SBIN0012756
Mail :            pradeepdixit@rajivdixit.com
Website:      www.rajivdixit.com
Blog:            pradeepdixitsbp.blogspot.com
राजीव भाई के अधूरे सपनो को पूरा करने के लिए अपना विवरण यहाँ  दें :



शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, दीया मिर्जा दीपिका करेंगे कांग्रेस पार्टी का गुजरात मे प्रचार

आपको इनकी फिल्मे देखना बंद कर देना चाहिये ।

शाहरुख, दीपिका करेंगे चुनाव प्रचार (अमर उजाला )

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क | Last updated on: November 21, 2012 11:52 AM IST

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान जनता से नेताओं के लिए वोट मांगेंगे। जी हां, शाहरुख गुजरात चुनाव में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। कांग्रेस गुजरात में जनता को अपने अपनी ओर खींचने के लिए शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, दीपिका पादुकोण, दीया मिर्जा जैसे फिल्मी सितारों को अपने मंच पर बुलाएगी।

शाहरुख और दीपिका का चुनाव प्रचार करना तय हो गया है। प्रचार के लिए आने वाले इन सितारों पर पर पैसों की बारिश की जाएगी। सूत्रों की मानें तो शाहरुख को एक दिन के लिए तीन करोड़ रुपये देने की बात तय हुई है। पहले कांग्रेस की मंशा इन सितारों को कम पैसों में अपने मंच पर लाना चाहती थी, पर बात बनी नहीं। 

इसके बाद प्रचार में इनकी रकम बढ़ाई गई। अब शाहरुख अपने मजाकिया अंदाज और अनोखे प्रेजेंटेशन के लिए जाने जाते हैं। अपनी इस खासियत का लाभ कांग्रेस को कितना दिला पाते हैं, यह तो चुनावों के बाद ही पता चलेगा। शाहरुख पहले भी कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करते रहे हैं।
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Wednesday, 21 November 2012

कसाब की मौत फांसी से नहीं हुई है

*** कसाब की मौत से खड़े होने वाले सवाल और उनके जवाब , जो की सबूत का भी काम कर रहे है की कसाब की मौत फांसी से नहीं हुई है ! ?? ***

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 1. मुझे कसाब का डेथ वारंट नही दिखाया गया और न ही दिया गया था : कसाब के वकील का बयान
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2. कसाब को तुरंत ही यरवदा जेल में ही दफना दिया गया -- मुख्यमंत्री महाराष्ट्र
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3. नियमानुसार यदि किसी मुस्लिम को फ़ासी दी जाए और यदि उसके शव को लेने वाला कोई न हो तो उसके शव को उस शहर के मुस्लिम धर्म के किसी संस्था को सौप दिया जाता है ताकि उसका अंतिम संस्कार उसके धर्म के अनुसार हो सके -- ये जेल में मैन्युल में भी है
फिर कसाब का शव जेल में ही बिना किसी धर्मगुरु के कैसे दफना दिया गया ?
एक झूठ को छिपाने के लिए सरकार कितने झूठ बोलेगी ?
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4. फाँसी की वीडियोग्राफी तो हुई होगी, फाँसी पर लटकने और उससे पहले तक के वीडियो जारी होने चाहिए.....
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5. महाराष्ट्र पुलिस के एसीपी प्रद्युम्न ने भी कसाब की फांसी पर सवाल उठा दिया है .. उनके अनुसार कसाब की मौत डेंगू से हुई है
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6. जेल मैन्यूल के अनुसार किसी भी अपराधी को जब तक फासी नही दी जा सकती तब तक वो पूरी तरह स्वस्थ न हो लेकिन कसाब को डेँगु होने के बाद तो ये संभव ही नही है
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7.अफजल गुरु की फांसी के मामले में जब भी गृहमंत्री और दिल्ली सरकार और कांग्रेस के प्रवक्ताओ से पूछा जाता रहा है उनका एक ही दलील होता था की राष्ट्रपति के पास गृहमंत्रालय क्रम से फ़ाइल भेजता है ..और अफजल गुरु के पहले १२ आरोपिओ की फ़ाइल लम्बित पड़ी है |

मित्रो, आज के समय में राष्ट्रपति के पास फांसी की कुल १७ फ़ाइल थी जिसमे कसाब की १७ वा नम्बर था फिर अगर कांग्रेस की दलील को सच माना जाये की भारत सरकार आरोपियों को क्रम से फांसी देती है तो फिर कसाब को बिना बारी के फांसी कैसे हो गयी ?
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8. गृहमंत्री ने कसाब को फांसी देने वाले जल्लाद का नाम बताने से इंकार किया .. लेकिन क्यों ?
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9. जेल कानूनों के बाद सूर्यास्त के बाद किसी भी जेल से किसी भी कैदी को किसी दुसरे जेल में शिफ्ट नही किया जा सकता ..
फिर कसाब को रात को आठ बजे आर्थर रोड जेल से कैसे बाहर निकला गया होगा ?
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१-कोई भी प्रशासन फांसी दिए जाने से पहले राज्य सरकार को सूचित करती है |

२-कोई भी प्रशासन फांसी दिए जाने से पहले मुलजिम के घर पर फांसी की तिथि और समय सूचित करता है अगर मुलजिम विदेशी है तो सम्बंधित देश के दूतावास को खबर दी जाती है |

३-फांसी देने से पहले मुलजिम के वकील और विपक्ष के वकील दोनों को जानकारी देना आवश्यक है और उक्त सभी बिन्दुओं में सुचना सरकारी डाक के माध्यम से दी जानी आवश्यक है जो की भविष्य में साक्ष्य के रूप में काम आती है |

४-मुलजिम यदि बीमार है तो उसको फांसी नहीं दी जा सकती , अगर फांसी की तिथि तय भी है तो उसको आगे बढाया जाएगा और कसाब को डेंगू था जगजाहिर है और डेंगू के मरीज़ को पूर्ण स्वस्थ होते होते ३ महीने का समय कम से कम लग जाता है |

५-फांसी के बाद मुलजिम के शारीर को उसके देश भेजने का प्रवधान होता है , पकिस्तान कसाब को अपना नहीं मानता इस सूरत में उसकी कब्र भारत में ही खुदेगी किन्तु सरकार कसाब की कब्र के बारे में जनता को नहीं बता रही है ,, जिस कब्रिस्तान में कसाब को गाड़ा जाएगा वहां के लोग कब्र के विषय में जान जायेगे और हो सकता है उसको भी गाजी पाजी जैसे आतंकियों की तरह मज़ार बना कर सजदा करवाया जाए जो की एक प्रकार से कानून का ही उलंघन है |

अब बात करते है कसाब को इस तरह से फांसी दिए जाने के पीछे छुपे षड्यंत्र पर |

१-अफज़ल गुरु जैसा आतंकी अभी तक जिन्दा है जबकि उसको फांसी की सजा हुए काफी समय निकल गया है | फिर कसाब को सिर्फ ४ साल में ही फांसी क्यों ?

२-कसाब को फांसी की तैयारी इतनी गुपचुप क्यों की गयी ?

३-अगर सरकार को कसाब की फांसी की खबर उजागर होने पर माहोल बिगड़ने का खतरा था तो वह कौन लोग थे जो इस आतंकी का साथ देते ? उन लोगो का चेहरा भी सामने आना चाहिए था ?

४-कसाब को फांसी देनी ही थी तो जनता को बता कर क्यों नहीं दी गयी ? आखिर वो कोई नेता अभिनेता तो नहीं था जो सरकार एक आतंकी को फांसी देने में इतना डर रही थी और फांसी को गुपचुप तरीके से अंजाम तक पहुचाया गया |

५- चलो मान लिया की सुरक्षा कारणों से कसाब की फांसी को गुप्त रखना आवश्यक था तब अभी तक उसके फांसी से पहले के और फांसी के समय के , फांसी के बाद के , पोस्टमार्टम से पहले और बाद के फुटेज क्यों जारी नहीं किये गए ?

६-सबसे अहम् बात यह की भारत की जनता की निगाहे अफज़ल गुरु और कसाब को फांसी होते देखना चाहती थी , जनता में इन दोनों के प्रति एक रोष था | सरकार के अनुसार उसने २६ / ११ / २००८ को मुम्बई में बलिदान गए १६६ लोगो को श्रधांजलि दी है | क्या श्रधांजलि देने का सही समय २६/११/२०१२ नहीं था जो मुम्बई में बलिदान हुए लोगो की वरसी के दिन फांसी देकर दिया जाता | फिर केवल ५ दिन पहले अत्यधिक गोपनीय और शीघ्रता दिखाते हुए फांसी दिए जाने का क्या ओचित्य ?

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│  नरेन्द्र सिसोदिया
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Tuesday, 20 November 2012

बाला साहेब ठाकरे






















[Devinder sharma] ये GDP क्या बला है ?


ये GDP क्या बला है ?? रोजाना अखबार लिखा होता...
Kunal Arya 19 नवंबर 11:38 अपराह्न
ये GDP क्या बला है ?? रोजाना अखबार लिखा होता है की भारत की जीडीपी 8 .7 % है कभी कहा जाता है के 9 % है ; प्रधानमंत्री कहते है की हम 12 % जीडीपी हासिल कर सकते है पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलम कहते थे की हम 14 % भी कर सकते है , रोजाना आप जीडीपी के बारे में पड़ते है और आपको लगता है की जीडीपी जितनी बड़े उतनी देश की तरक्की होगी । कभी किसीने जानने की कौशिश की के ये जीडीपी है क्या ? आम आदमी की भाषा में जीडीपी का क्या मतलब है ये हमें आज तक किसी ने नही समझाया । GDP acctually the ammount of money that exchanges hand . माने जो पैसा आप आदान प्रदान करते है लिखित में वो अगर हम जोड़ ले तो जीडीपी बनती है ।

अगर एक पेड़ खड़ा है तो जीडीपी नही बढती , लेकिन अगर आप उस पेड़ को काट देते है तो जीडीपी बढती है किउंकि पेड़ को काटने के बाद पैसा आदान प्रदान होता है , पर पेड़ अगर खड़ा है तो तो कोई इकनोमिक activity नही होती जीडीपी भी नही बढती । अगर भारत की सारे पेड़ काट दिया जाये तो भारत की जीडीपी 27 % हो जाएगी जो आज करीब 7 % है । आप बताइए आपको 27 % जीडीपी चाहिए या नही !

अगर नदी साफ़ बह रही है तो जीडीपी नही बढती पर अगर आप नदी को गंध करते है तो जीडीपी तिन बार बढती है । पहले नदी पास उद्योग लगाने से जीडीपी बढ गयी, फिर नदी को साफ़ करने के लिए हज़ार करोड़ का प्रोजेक्ट लेके ए जीडीपी फिर बढ गयी , फिर लोगोने नदी के दूषित पानी का इस्तेमाल किया बीमार पड़े, डॉक्टर के पास गए डॉक्टर ने फीस ली , फिर जीडीपी बढ गयी ।
अगर आप कोई कार खरीदते है , आपने पैसा दिया किसीने पैसा लिया तो जीडीपी बढ गयी, आपने कार को चलाने के लिए पेट्रोल ख़रीदा जीडीपी फिर बढ गयी, कार के दूषित धुयाँ से आप बीमार हुए , आप डॉक्टर के पास गए , आपने फीस दी उसने फीस ली और फिर जीडीपी बढ गयी । जितनी कारे आयेगी देश में उतनी जीडीपी तिन बार बढ जाएगी और इस देश रोजाना 4000 जादा कारे खरीदी जाती है , 25000 से जादा मोटर साइकल खरीदी जाती है और सरकार भी इसकी तरफ जोर देती है किउंकि येही एक तरीका है के देश की जीडीपी बड़े ।

हर बड़े अख़बार में कोका कोला और पेप्सी कोला का advertisement आता है और ये भी सब जानते है के ये कितने खतरनाक और जेहरिला है सेहत के लिए पर फिर भी सब सरकारे चुप है और आँखे बंध करके रखा है किउंकि जब भी आप कोका कोला पीते है देश की जीडीपी दो बार बढती है । पहले आप कोका कोला ख़रीदा पैसे दिया जीडीपी बढ गया , फिर पिने के बाद बीमार पड़े डॉक्टर के पास गए , डॉक्टर को फीस दिया जीडीपी बढ गयी ।
आज अमेरिका में चार लाख लोग हर साल मरते है किउंकि वो खाना खाते है , किउंकि जो जंक फ़ूड है कार्बोनेटेड ड्रिंक्स है वो खाने से मोटापा और बीमारी होती है , आज 62 % अमेरिका के लोग क्लीनिकली मोटापा के सिकार है और हमारे देश में 62 %लोग तो
कुपोषन के सिकार है । ये भी जीडीपी बदने का एक तरीका है , जितना जादा प्रदुषण खाने में होगा उतना जादा जीडीपी बढता है ।

आज अमेरिका में चार लाख लोग हर साल मरते है किउंकि वो खाना खाते है , किउंकि जो जंक फ़ूड है कार्बोनेटेड ड्रिंक्स है वो खाने से मोटापा और बीमारी होती है , आज 62 % अमेरिका के लोग क्लीनिकली मोटापा के सिकार है और हमारे देश में 62 %लोग तो कुपोषन के सिकार है । ये भी जीडीपी बदने का एक तरीका है , जितना जादा प्रदुषण खाने में होगा उतना जादा जीडीपी बढता है । पहले फ़ूड इंडस्ट्री की बृद्धि हुई जीडीपी बड़ी ,उसके साथ फार्मासिउटीकाल्स की बृद्धि हुई फिर जीडीपी बढ गयी , फिर इसके साथ इन्सिउरेंस की भी बृद्धि हुई । ये तिन इंडस्ट्री आपस में जुडी हुई है इसीलिए आज इन्सिउरेंस इंडस्ट्री फ़ूड में पैसा लगा रहा है किउंकि आप जितना जादा ख़राब फ़ूड खायेंगे इन तिन इंडस्ट्री का बृद्धि होगी और जीडीपी बढेगी । अब क्या आपको जीडीपी बढानी है या घर में खाना बनाना है ! अब घर में खाना बनाने से जीडीपी नही बढती । इस मायाजाल को समझे ।

अमेरिका में आज करीब चार करोड़ लोग भूखे पेट सोते है यूरोप में भी चार करोड़ लोग भूखे सो रहे है , भारत में सरकारी आंकड़ा के अनुसार करीब 32 करोड़ लोग भूखे सोते है , अगर जीडीपी ही एक विकास का सूचक होती तो अमेरिका में भूख ख़तम हो जानी चाहिए थी पर अमेरिका और यूरोप में भूख बढ रही है भारत में भी जीडीपी के साथ भूख बढ रही है ।

http://www.youtube.com/watch?v=j5y5FvejSgUa

Monday, 19 November 2012

हिंदुओ में एकता हो सकती है

बाला जी की अंतिम यात्रा में ३५ लाख लोगो ने ये तो साबित कर दिया की हिंदुओ में एकता हो सकती है । पर मरने पर आयी भीड की एकता किस काम की ? यही भीड जिंदा रहते हुये होती तो बाला जी ने भारत का नक्शा बदल दिया होता । ये एकता मोदी जी के लिये हो जाये तो भारत की १००० सालो की गुलामी भी खत्म हो जायेगी ।

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क्या जर्मनी की तरह भारत में भी क्रिकेट पर प्रतिबंध लगना चाहिए ?

क्या जर्मनी की तरह भारत में भी क्रिकेट पर प्रतिबंध लगना चाहिए ? जर्मनी का तनाशाह एडोल्फ हिटलर ने 1937 में जर्मनी में क्रिकेट पर प्रतिबंध लगा दिया था।? क्रिकेट खेल में सबसे अधिक समय बर्बाद होता है।

क्रिकेट मैचों के दौरान पूरा भारत देश काम-धाम भूलकर क्रिकेट में मग्न हो जाता है। क्रिकेट खेल में ज्यादा समय बर्बाद होता है। भारत की युवा पीढ़ियों पर क्रिकेट का नशा इस कदर छाया है कि उसके आगे सभी काम ठप।

Do you know why Adolf Hitler banned cricket in Germany? In 1937 Adolf Hitler was watching a Cricket match that went on and on. Adolf Hitler kept asking when it would be over, and his minster told him it would continue the next day for the entire day and well into the evening. Adolf Hitler said, 'By the time this stupid game is over, I could have conquered three countries.' "

आज जर्मनी दुनिया का सबसे धनी व औद्योगिकीकृत देश है। जर्मनी समूह-8 के सदस्य है।

आठ का समूह, समूह-8 (Group of Eight =G8) एक अन्तर्राष्ट्रीय मंच है। इस मंच की स्थापना फ्रांस द्वारा 1975 में समूह-6 के नाम से विश्व के 6 सबसे धनी राष्ट्रों की सरकारों के साथ मिल कर की थी, यह राष्ट्र थे फ़्रांस, जर्मनी,इटली, जापान, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका। 1976 में इसमे कनाडा को शामिल कर लिया गया और मंच का नाम बदलकर समूह-7 कर दिया गया। 1997 में इसमें रूस भी सामिल हो गया और मंच का नाम समूह-8 हो गया।

विश्व का कोई भी विकसित राष्ट्र क्रिकेट नहीं खेलता।अमेरिका,जापान,रुस,चीन,फ्रान्स,जर्मनी इत्यादि तमाम विकसित राष्ट्रों ने क्रिकेट को कभी नहीं अपनाया। इसका सीधा सा कारण यही है कि इस खेल में सबसे अधिक समय लगता है और आज के प्रतिस्पर्धा के युग में कोई भी देश अपना ज्यादा समय महज खेल देखने पर व्यय करने को राजी नहीं है।

आज इस क्रिकेट की वजह से भारत की उत्पादकता क्षमता से आधी से भी कम बनी हुई है। देश की हालत यह है कि भ्रष्टाचार और महंगाई की मार के बीच जनता पिस रही है और कीमतें आसमान छू रहीं हैं । कांग्रेस घोटालों की सरकार के कई मंत्री घोटालों में फंसे हुए है। जिन्होंने देश की भोली भाली जनता का रुपया लूट कर अपनी-अपनी तिजोरियां भरने का काम किया है।

आजाद भारत देश में अंग्रेजो के खेल क्रिकेट खेलने की प्रासंगिकता क्या है? भारत देश में अंग्रेजो के खेल क्रिकेट को खेलने वाले क्या हम इतनी जल्दी भूल गए कि देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करने के लिए लाखों हिंदुस्तानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी ,जेल की यातनाएं झेलीं ,तब कहीं करीब चौंसठ साल पहले १५ अगस्त १९४७ को बड़ी मुश्किल से अंग्रेजों को यहाँ से भगाया जा सका ?

भारत के महान नागरिको को २५० साल तक अपमानित करके लूटने वाले अंग्रेजो के खेल क्रिकेट को हम अपने राष्ट्रीय खेल हाकी के समक्ष वरीयता नहीं देनी चाहिए। भारत देश का राष्ट्रीय खेल हाकी है न की क्रिकेट, इसलिए हमें महत्त्व हाकी को देना है और बढ़ावा भी हाकी को ही देना है ।

अंग्रेजो के खेल क्रिकेट ने भारत देश का बेड़ागर्क कर दिया है । आजाद भारत में अंग्रेजो के खेल क्रिकेट को खेलने और टीवी में देखने से पहले जरा आप सोचिये फिर निर्णय करें । हम भारतीय को राष्ट्र खेल हॉकी खेलना चाहिए। क्रिकेट विदेशी गुलामी का प्रतीक खेल है। क्रिकेट सिर्फ वही देश खेलते हैं जो कभी न कभी ब्रिटेन के गुलाम रहे है ।यदि अंग्रेज के पूर्व-गुलाम राष्ट्रों को छोड़ दें तो दुनिया का कौन सा स्वतंत्र राष्ट्र है, जहाँ क्रिकेट का बोलबाला है?

यह हमारे इतिहास की विडम्बना है कि सचिन, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, युवराज सिंह, हरभजन सिंह के जन्मदिवस पर आजाद भारत देश भर में केक काटे जाते हैं, लेकिन मंगल पांडे, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह के जन्मदिनों की तारीखें हमारी युवा पीढ़ी को याद नहीं है। आज यदि हम स्वतंत्र हवा में सांस ले पा रहे हैं तो यह उन अनेक वीर भारतवासियों की बदौलत है जिन्होंने अपने वतन को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद करने के लिए अपनी जान तक की बाजी लगा दी थी।

आजा़दी के मतवालों और शहीदों को सलाम... उनकी कुर्बानी ने हमें आजा़दी की सांस मुहैय्या कराईं। लेकिन हिदोस्तांन के आजा़द होने के तकरीबन 65 साल बाद भी अंग्रेजो के खेल क्रिकेट को खेलने और टीवी में देखने को मिल जाए तो आम भारतीय के साथ साथ उन शहीदों की आत्मा तक शर्मिंदा हो जाएगी जिन्होंने अपनी जिंदगी देश की आन बान और शान पर कुर्बान कर दी थी।

भारत देश की आज़ादी से पहले भारत में अंग्रेजों के बंगलों के मुख्य द्वार और बाउण्ड्री वाल पर लिखा होता था कि ''इण्डियन एण्ड डॉग्स आर नॉट एलाउड'' (While reading history we often read "Indians and Dogs Not Allowed here) मतलब यह कि हिन्दुस्तानी और कुत्तों का प्रवेश वर्जित है। तो क्या समझा जाए कि अंग्रेजों की राय में भारतीय आदमी और कुत्ते एक समान होते थे, आखिर वे क्यों नहीं भेद करते थे।

1835 में, थामस मैकाले ने बहुत बढ़िया ढंग से ब्रिटिश उपनिवेशिक साम्राज्यवाद के उद्देशों को स्पष्ट कियाः ''हमें एक ऐसे वर्ग को बनाने की भरसक कोशिश करना चाहिए जो हमारे और जिन पर हम शासन करते हैं, उन लाखों लोगों के बीच दुभाषिया हो सके, एक वर्ग जो खून और रंग में भारतीय हो परंतु स्वाद में, राय में, भाषा और बुद्धिमानी में, अंग्रेज हो।' Lord Macaulay "let us create a class of people, Indians in their origin and blood but English in their tastes and manners"

भारत में जो लोग अंग्रेजो के खेल क्रिकेट को खेलते हैं और टीवी में देखते हैं वे भारतीय लॉर्ड मैकाले अंग्रेज की कल्पना है।" मैकाले ने 12 अक्तूबर 1836 को अपने पिता को लिखे पत्र में किया था, कि "आगामी सौ साल बाद भारत के लोग रूप और रंग में तो भारतीय दिखेंगे, किन्तु वाणी, विचार और व्यवहार में अंग्रेज हो जायेंगे।"

हम हिन्दुस्तानियों की गुलामी की मानसिकता ही है जो अपने पूर्व ब्रिटिश मालिकों के खेल क्रिकेट को अपने सीने से लगाये हुए हैं । भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो क्रिकेट के भुत से छुटकारा पाना ही होगा । अँग्रेज चले गए, लॉर्ड मैकाले भी चले गए, लेकिन हमारे देश में अँग्रेज मानसिकता के अवैध बीजारोपण की फसल आज भी बखूबी लहलहा रही है । मैकालेप्रणीत शिक्षा पद्वति के ढ़ांचे में पले- बढ़े ये काले अंग्रेज सदैव अंग्रेजो के खेल क्रिकेट खेलना और टीवी में देखना अपनी शान समझते हैं।

क्रिकेट ने दूसरे अन्य बड़े-बड़े खेलों को निगल लिया। 'चियर गल्र्स' के नाम पर क्रिकेट में सरेआम अश्लीलता परोसी जाने लगी। वैश्विक स्तर पर क्रिकेट खिलाड़ियों की बोली किसी वस्तु, सामान, मकान या पशु की भांति लगाई जाने लगी। बड़ी-बड़ी शख्सियतों को ब्राण्ड एम्बेसडर बनाकर और जोशिले विज्ञापन की चकाचौंध में फंसाकर क्रिकेट को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की कोई भी कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी गई। क्रिकेट का रोमांच जन-जन में इतनी चतुराई से भरा गया कि एक परीक्षार्थी भी अपनी परीक्षा को दांव पर लगाकर क्रिकेट देखने लगा।

अंग्रेजो के खेल क्रिकेट ने भारत देश का बेड़ागर्क कर दिया है । अंग्रेजो के खेल क्रिकेट हटाओ देश बचाओ जागो भारतीय जागो ! जय हिन्द, जय भारत ! वन्दे मातरम !
From - https://www.facebook.com/photo.php?fbid=399133586827499&set=a.232832923457567.55934.232798390127687&type=1&theater


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भारत समस्या सूची

राष्ट्रवादी मित्रो - छोटा सा प्रयास कर -रहा हूँ मेने गूगल पर एक प्रोजेक्ट बनाया है जिस पर आप लोग जाकर भारत की समस्या लिख सकते है - http://code.google.com/p/bharattodolist/ आप लोगो का सहयोग एवं मार्गदर्शन की आवश्यकता है

यह एक प्रयास है भारत की समस्याओ की सम्पूर्ण सूची बनाने का । (Bharat ToDo List)

आप भारत की समस्याओ के बारे में हमे बताये । आप किसी भी तरीके भी समस्याएँ और उनके हल सुझा सकते है । आपकी समस्या बहुत छोटी भी हो सकती है बहुत बड़ी भी । आप ये ना सोचे की समस्याए लिखने से क्या होगा ? आप बस ये सोचे की जब हम सब हमारी परेशानियो के बारे में लिखेंगे और उन पर विचार करेंगे तो उनका हल भी निकलेगा । इसके अलावा इस टूल से हम लोग परेशानियों का वर्गीकरण एवं प्राथमिकताकरण (categorisation and prioritisation)भी कर पाएंगे ।

आपके अनुसार कोई कानून गलत है तो आप उस कानून के बारे में लिख सकते है । आपके अनुसार किसी सरकार ने कोई गलत कानून लागू किया हो तो आप उसके बारे में लिख सकते है ।

उदाहरण के लिये ये देखे -

समस्या नंबर १ - हमें India शब्द को कानून बनाकर पूर्ण बहिस्कार कर देना चाहिये । हमें सिर्फ और सिर्फ "भारत" शब्द का ही उपयोग करना चाहिये ।


अगर आप नई समस्या/सुझाव देना चाहते हो तो यहाँ लिखे - http://code.google.com/p/bharattodolist/issues/entry



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Monday, 12 November 2012

मानसिक गुलामी

जब किसी देश का स्वाभिमान ख़तम हो जाती है, दिमाग में मानसिक गुलामी घुस जाती है, अपने देश के किसी भी प्रतिक पर गर्व अनुभव नही होती, अपने देश को मजबूत श्रेष्ठ और दुनिया में ऊँचा स्थान देने का जज्वा नही रेता तो ऐसे दृश्य देखने को मिलते है ....

ओबामा की जीत की खुसी में "दिल्ली" के कुछ लोग खुशियाँ मना रहे है !!!!!


 और महाराष्ट्र में भी




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Sunday, 11 November 2012

जानिए कौन है ये अनु टंडन ?

---------- अग्रेषित संदेश ----------
प्रेषक: MahanDeshBharat <swarnimrashtra@gmail.com>


जानिए कौन है ये अनु टंडन ? इनके पति संदीप टंडन की रहस्यमय ढंग से स्विट्जरलैंड में मौत क्यों हुई ? सिर्फ बीएससी पास अनु को मुकेश अंबानी ने आठ हजार करोड़ की पूजी लगाकर एक सोफ्टवेयर कम्पनी मोटेक क्यों दे दिया ? आखिर लगातार घाटे के बावजूद भी मुकेश अंबानी इस कम्पनी को क्यों चलाते रहे ? संदीप टंडन जिस कम्पनी के छापा मारे उसकी कम्पनी के निदेशक कैसे बन गये ? फिर वो मुंबई के बजाय जयूरिख क्यों रहते थे ?

देश की जनता इन सवालों का जबाब गाँधी खानदान से चाहती है ..

१-आखिर अनु टंडन जिसने सिर्फ दो दिन पहले ही कांग्रेस ज्वाइन किया उसे राहुल गाँधी ने सांसद का टिकट क्यों दिया ? और अगर टिकट दिया तो उन्नाव में राहुल गाँधी ने अनु को जिताने के लिए एडी चोटी का जोर क्यों लगाया ?

२- रिलाएंस ग्रुप पर छापा मारने वाले संदीप टंडन के इशारे पर पूरी केंद्र सरकार और गाँधी परिवार क्यों उनके कदमो में गिर जाता था ? आखिर संदीप टंडन ने मुकेश अंबानी के ठिकानो और एचएसबीसी बैंक पर छापे के दौरान ऐसी कौन कौन से दस्तावेज बरामद किये जिससे गाँधी परिवार संदीप टंडन के इशारे पर नाचता रहा ?

३- आखिर संदीप टंडन की स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में हुई रहस्यमय मौत की जाँच क्यों नही हुई ? एक कांग्रेसी सांसद और उपर से राहुल गाँधी के कोर कमेटी का मेबर अनु टंडन के पति की रहस्यमय मौत पर केंद्र सरकार और कांग्रेस खामोश क्यों ?

४- आखिर संदीप टंडन साल में आठ महीने स्विट्जरलैंड में क्यों रहते थे ? उन्होंने वहा घर भी ले रखा था |जब वो रिलाइएन्स में निदेशक के पद पर थे तब वो अपने ऑफिस में रहने के बजाय स्वित्जेर्लैंड में क्यों रहते थे ?

५- छुट्टियाँ मनाने के बहाने बार बार राहुल गाँधी, राबर्ट बढेरा और खुद सोनिया गाँधी बार बार संदीप टंडन के पास ज़ियुरिख स्वीतजरलैंड क्यों जाते थे ?

६-स्विट्जरलैंड स्थित भारतीय दूतावास आनन फानन में संदीप टंडन के शव को भारत क्यों भेज दिया ? जब उनकी मौत प्राकृतिक नही थी तब उनके शव का पोस्टमार्टम क्यों नही किया गया ?

मित्रों, जब लोकसभा चुनावो में कांग्रेस ने उन्नाव से अनु टंडन को टिकट दिया तब यूपी कांग्रेस की अध्यछ और उन्नाव जिले के कांग्रेस अध्यछ तक को नही मालूम था की ये अनु टंडन कौन है ? राहुल गाँधी ने यूपी कांग्रेस के पदाधिकारियो से कहा की ये अनु टंडन हर हाल में जितनी चाहिए इसके लिए कुछ भी करना पड़े | 

मित्रो, शाहरुख़ खान, सलमान खान से लेकर रवीना, कैटरिना आदि बालीयुड के सैकड़ो सितारे उन्नाव में अनु टंडन के प्रचार के लिए आये |

मित्रो, अनु टंडन के पति संदीप टंडन इंडियन रेवेन्यु सर्विस के अधिकारी थे .. ये उस टीम में शामिल थे जिस टीम ने रिलाएंस ग्रुप पर छापा मारा था .. फिर मजे की बात ये है की छापे के कुछ महीनों के बाद ही नाटकीय ढंग से ये सरकारी नौकरी छोडकर रिलाएंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में शामिल हो गये . जबकि ये गलत था | 

और तो और इनकी पत्नी अनु टंडन जो सिर्फ बीएससी [बायो] पास थी और जिनके पास कोई अनुभव तक नही था ..उनको मुकेश अंबानी ने अपनी सोफ्टवेयर कम्पनी मोतेफ़ का सर्वेसर्वा बना दिया . आखिर क्यों ? 

मित्रो, असल में संदीप टंडन ने छापे के दौरान कई ऐसे कागजात और सुबूत बरामद किये थे जिससे पता चलता था की गाँधी खानदान के कालेधन को मुकेश अंबानी सफेद कर रहे है | असल में अमेरिका और भारत सहित कई देशो में स्विस बैंको के खिलाफ गुस्सा फैला है और स्विस सरकार अमेरिका, जर्मनी सहित कई देशो से संधि कर चुकी है की वो अपने यहाँ जमा कालेधन का ब्यौरा देगी | इससे गाँधी खानदान ने अपने कालेधन को निकालकर मुकेश अंबानी को देकर उसे सफेद करने में जुट गया |

देश की कई एजेंसिओ को भनक लगी की मुकेश अंबानी हवाला में माध्यम से दुबई से कालाधन अपनी कम्पनी में कमिशन लेकर सफेद कर रहे है तो डीआरआई ने मुकेश अम्बानी के ठिकानो पर अचानक छापा मारा जिसका नेतृत्व संदीप टंडन कर रहे थे | फिर मुकेश अंबानी और गाँधी परिवार ने मुंहमांगी कीमत देकर संदीप टंडन को ही खरीद लिया |

मित्रो, सोचिये एक बड़ा सरकारी अधिकारी जिस कम्पनी पर छापा मारता है वो सिर्फ चंद महीने के बाद उसकी कम्पनी का निदेशक कैसे बन जाता है ? 

केंद्र सरकार ने संदीप टंडन की वीआरएस की अर्जी तुरतं ही मंजूर कैसे कर ली ? 

संदीप टंडन की रहस्मय मौत की खबर जिन जिन वेब साईट पर थी उन साइटों को केंद्र सरकार ने किसके आदेश से ब्लोक कर दिया ?

मित्रो, सोचिये जिस महिला को राजनीती का एक दिन का भी अनुभव न हो उसे राहुल गाँधी अपनी कोर ग्रुप की सबसे अहम सदस्य कैसे बना सकते है ? आखिर इसके पीछे क्या राज है ?

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Saturday, 10 November 2012

दोना पत्तल मे बुराइ क्या है ?

भारत में बहुत सारे लँगर लगते हैं। आजकल देखा गया है कि अधिकतर लंगरों में भी थर्मोकोल की प्लेटें आदि प्रयोग होती हैं।
मेरी प्रार्थना है कि थर्मोकोल की प्लेटों का प्रयोग बन्द कर के पत्तों की बनी पत्तलों का प्रयोग करने के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर एक जन जागृति करें। इससे एक तरफ तो हम अपने इर्द गिर्द प्रदूषण को कम करेंगे और दूसरा पत्तलें शत प्रतिशत स्वदेशी हैं। इससे हमारे भारतवासियों को ही काम मिलेगा। जबकि थर्मोकोल (ये चीनी उत्पाद है) का प्रयोग करके हम अपने आपको और देश को ही लुटवाएँगे।

स्वदेशी अपनाओ भारत को विदेशी लूट से बचाओ, अपना स्वाभिमान जगाओ स्वदेशी से स्वावलम्बी भारत बनाओ...

वन्दे मातरम, जय स्वदेशी ,जय हो !!



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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
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media ने कभी ये बताया ??

nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट kitkat मे बछड़े के मांस का रस मिलाती है ! और सबका धर्म भ्रष्ट कर रही है !

यहाँ click कर देखे !
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=450624644978551&set=a.137060829668269.14827.100000930577658&type=3&theater
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media ने कभी ये बताया ???
की मद्रास high cout मे fair and lovely कंपनी पर जब case किया गया था ! तब कंपनी ने खुद माना था ! हम cream मे सूअर की चर्बी का तेल मिलाते है !!

यहाँ click कर देखे !

http://www.youtube.com/watch?v=tzdbFhKkxoI
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media ने कभी ये बताया ????

की ये colgate कंपनी जब अपने देश america मे colgate बेचती है तो उस पर warning लिखती है !!

अमेरिका और यूरोप में जब कोलगेट बेचा जाता है तो उसपर चेतावनी (Warning) लिखी होती है | लिखते अंग्रेजी में हैं, मैं आपको हिंदी में बताता हूँ, उस पर लिखते हैं
"please keep out this Colgate from the reach of the children below 6 years
" मतलब "छः साल से छोटे बच्चों के पहुँच से इसको दूर रखिये/उसको मत दीजिये", क्यों? क्योंकि बच्चे उसको चाट लेते हैं, और उसमे कैंसर करने वाला केमिकल है, इसलिए कहते हैं कि बच्चों को मत देना ये पेस्ट |
और आगे लिखते हैं " In case of accidental ingestion , please contact nearest poison control center immediately , मतलब "अगर बच्चे ने गलती से चाट लिया तो जल्दी से डॉक्टर के पास ले के जाइए" इतना खतरनाक है, और तीसरी बात वो लिखते हैं
"If you are an adult then take this paste on your brush in pea size " मतलब क्या है कि " अगर आप व्यस्क हैं /उम्र में बड़े हैं तो इस पेस्ट को अपने ब्रश पर मटर के दाने के बराबर की मात्रा में लीजिये" |
और आपने देखा होगा कि हमारे यहाँ जो प्रचार टेलीविजन पर आता है उसमे ब्रश भर के इस्तेमाल करते दिखाते हैं | हमारे देश में बिकने वाले पेस्ट पर ये "warning" नहीं होती !

यहाँ click कर देखे !!
http://www.facebook.com/photo.php?fbid=456946747679674&set=a.137060829668269.14827.100000930577658&type=3&theater
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media ने कभी बताया कि

ये vicks नाम कि दवा यूरोप के कितने देशो मे ban है ! वहाँ इसे जहर घोषित किया गया है !पर भारत मे सारा दिन tv पर इसका विज्ञापन आता है !!

यहाँ click कर देखे !
http://www.youtube.com/watch?v=jM4zjT1b6Ic&feature=plcp

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media ने कभी बताया ??

कि life bouy न bath soap है न toilet soap ! ये जानवरो को नहलाने वाला cabolic soap है !
यूरोप मे life bouy से कुत्ते है !और भारत मे 9 करोड़ लोग इससे रगड़ रगड़ कर नहाते हैं !!

यहाँ click कर देखे
http://www.youtube.com/watch?v=s8hKumukUC0

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media ने कभी बताया ! ???????????

की ये coke pepsi सच मे toilet cleaner है ! और ये साबित हो गया है इसमे 21 तरह के अलग अलग जहर है ! और तो और संसद की कंटीन मे coke pepsi बेचना ban है ! पर पूरे देश मे बिक रही है !!

यहाँ click कर देखे !!

http://www.facebook.com/photo.php?fbid=471173976256951&set=a.137060829668269.14827.100000930577658&type=3&theater

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media ने कभी बताया ????

कि ये healt tonic बेचने वाली विदेशी कंपनिया boost ,complan ,horlics,maltova ,protinx , इन सबका delhi के all india institute (जहां भारत की सबसे बड़ी लैब है ) वहाँ इन सबका test किया गया ! और पता लगा ये सिर्फ मुगफली के खली से बनते है ! मतलब मूँगफली का तेल निकालने के बाद जो उसका waste बचता है !जिसे गाँव मे जानवर खाते है ! उससे ये health tonic बनाते है !!

यहाँ click कर देखे !

http://www.youtube.com/watch?v=qazpj66xDJE&feature=plcp

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media ने कभी बताया ??????

अमिताभ बच्चन का जब आपरेशन हुआ था और 10 घंटे चला था ! तब डाक्टर ने उसकी बड़ी आंत काटकर निकली थी !! और डाक्टर मे कहा था ये coke pepsi पीने के कारण सड़ी है ! और अगले ही दिन से अमिताभ बच्चन ने इसका विज्ञापन करना बंद कर दिया था और आजतक coke pepsi का विज्ञापन नहीं करता नहीं करता !

यहाँ click कर देखे !
http://www.youtube.com/watch?v=6JpOoS0bIBk&feature=plcp
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तो दोस्तो ये media अगर ईमानदार है ! तो सबका सच एक साथ दिखाये !! विदेशी कंपनिया को expose करने की बात पर मुंह मे रुमाल डाल लेता है !!

और बेचारे गरीब मिठाई वालों का धंधा चोपट करने के लिए कुत्तों की तरह भोंकने लग जाता है !!

पूरी post आपने पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !!

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│  नरेन्द्र सिसोदिया
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Friday, 9 November 2012

शुभ दीपावली कैसे मनायें ?

एस बार दीपावली  भारतीय तरीके से मनाये
सबसे पहले तो आप इसे दीपावली बोले न की दीवाली , दीपावली का मतलब होता है "दियो को पंक्ति (LINE)" , आप मोमबत्ती जला कर मोमावली ना मनाये. क्योकि इससे आपकी ईसाई चर्च के मानसिक गुलामी नजर आ जाएगी
इसके आलावा , दुनिया भर में आतंक का पैगाम , और बन्दूक/तलवार की नोक पर ७० मुस्लिम देश बनाने वाले मुस्लिमो की तरह आप "दिवाली मुबारक" बोलकर आपके खून में हुई मुस्लिम मिलावट का प्रदर्शन न करे तो ज्यादा बेहतर होगा | मुझे बड़ा दुःख पहुचता है जब दिवाली मुबारक बोलकर लोग आजकल ईद मुबारक की भांति कंधे से कंधे मिलते दिख जाते है | में अंदर ही अंदर समझ जाता हूँ की मुस्लिम आक्रंताओ ने तो धरम परिवर्तन तो किया ही था.. इसके साथ साथ लाखो करोडो औरतो का शील भंग भी  किया था.. अब भाई मिलावट वाला खून कभी तो असर दिखायेगा ना
दीप ख़रीदे तो मिटटी की दिए ही ख़रीदे , इसके आपका पैसा गरीब तक पहुँचेगा, माल से खरीदने से क्या फायदा,
हो सके तो गरीबो को पुराने कपडे दे देना, क्युकी अब ठण्ड चालू हो गयी है , पेट की आग से ज्यादा शारीर की ठण्ड भरी पद जाती है..
और हाँ आजकल  MADE IN CHINA सामान की भरमार है , लक्ष्मी जी भी आप विदेशी खरीदोगे तो इसका फायदा सिर्फ CHINA को होगा , तो समझदार बन CHINA की झालर पठाके न ले
इसके अलावा आपको नकली मावे की  न्यूज़ दिन भर दिखाई जाएगी , बहकावे में मत आना , ये सब विदेशी कंपनीयो की मिलीभगत है , गलती से भी आप चोकलेट लाये तो इसका सीधा फायदा विदेशी कंपनीयो को होगा , आप तो उल्लू बन जायेंगे  ! आप मावे की मिठाई ही खाना, लेकिन चाँदी का वरक वाली मत लेना,
और हाँ, पटाखे जरूर फोडे , डेन्गु के मच्छर तो मरेंगे ही मरेंगे , सेकुलर लोगो के कानो में आवाज  भी तो जानी चाहिए की "सनातनी अभी भी जिन्दा है"   
चित्र और निचे लिखा हुआ कॉपी पेस्ट है , FB से 
होली- अरे रंग हानिकारक हैं, विषाक्त हैं, प्रदूषण फैलाते हैं।
दिवाली- अरे पटाखे प्रदूषण फैलाते हैं, विषाक्त हैं, शोर होता है, खतरनाक हैं आदि आदि
गणेश चतुर्थी - मूर्ति विसर्जन मत करो.. क्योंकि वे समुद्र तट को अपवित्र करते हैं।
राम नवमी- बड़े धार्मिक जुलूस से पैसे की बर्बादी होती है।
कुंभ मेला -सरकार को प्रबंधन, सफाई, बुनियादी सुविधाओं पर करोडों रुपये खर्च करने पडते हैं।
डांडिया / नवरात्रि - इसे रोको ये युवाओं की नैतिकता को प्रभावित करता है
कारवा चौथ- यह महिलाओं पर अत्याचार है।
मंदिर घंटियाँ -ध्वनि प्रदूषण होता है।
लाउड स्पीकर- अरे बंद करो, बच्चे पढ नहीं पाते।
शोभा यात्रा भी बंद करो।

WTF is going on??
क्या किसी ने मुहर्रम और ईद पर होने वाली हजारों निर्दोष जानवरों की हत्या पर सवाल उठाया है?
क्या कोई नव वर्ष पर कोई बोलता है?
क्या आपको पता है की रोज पशुओंकी हत्या होती है उनकी खाल निकालने के लिए कितना टन पानी बर्बाद होता हैं?

इस बार दीपावली पर ऐसे पटाखे बजाओ कि मीडिया वालों के कान सुन्न हो जायें...!!






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│  नरेन्द्र सिसोदिया
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Wednesday, 7 November 2012

विचार करें कि हमारे देश का क्या नाम है " भारत या इंडिया "

हमारे संविधान में भी कहा गया है " इंडिया दैट इज भारत "|
लेकिन यदि आप ऑक्सफ़ोर्ड की पुरानी डिक्शनरी खोलें तो वहां india का अर्थ है "वह व्यक्ति या दंपत्ति जिसका विवाह चर्च में नहीं हुआ हो |"
तथा indian शब्द का अर्थ है उस दंपत्ति से पैदा संतानें जो की चर्च में विवाह न होने के कारन नाजायज संतान, हरामी या फिर बास्टर्ड |
...
ब्रिटेन में वहां के नागरिक को इंडियन कहना क़ानूनी अपराध है |
अंग्रेजों ने जहाँ भी राज किया ,वहां के नागरिकों को चर्च में विवाह न होने के कारन नाजायज कहा |
वेस्ट इंडीज, इंडोनेशिया ,इन्दोचायना, रेड इंडियन आदि इसके उदहारण हैं कि किस प्रकार अंग्रेजों ने हमें अपमानित करने का षड़यंत्र रचा |

विचार करें कि आप क्या हैं "भारतीय अथवा इंडियन "
विचार करें कि हमारे देश का क्या नाम है " भारत या इंडिया "


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Saturday, 3 November 2012

स्वामी से सहमी कांग्रेस



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Friday, 2 November 2012

यह वही 1977 वाली जनता पार्टी है जिसने मैमूना बेगम (इंदिरा गाँधी) की जमानत जब्त करके कांग्रेस का सफाया करा दिया था

---------- अग्रेषित संदेश ----------
प्रेषक: MahanDeshBharat


तो यह वही 1977 वाली जनता पार्टी है जिसने मैमूना बेगम (इंदिरा गाँधी) की जमानत जब्त करके कांग्रेस का सफाया करा दिया था और भारत में पहली राष्ट्रवादी सरकार बनी थी..


जी हां, "जनता पार्टी का यही निशाँन – कंधे पर हल धरे किसान" यह नारा गावो के बुजुर्गो से दोहराने पर उनके चहरे पर आशा की मुस्कान आप अवश्य देखेंगे क्योकि यह भारत की पहली सरकार थे जिसने की किसानो के हितों की बात शुरू की थी और वह पार्टी आज भी इसी नाम से इसी उद्देश्य से जिस आदमी ने ज़िंदा रखा हुआ है उसका नाम है- डॉ.सुब्रमनीयन स्वामी.


जिस हिन्दुवादी नेता डॉ.सुब्रमनियन स्वामी को कांग्रेस अपने बिकी हुई मिडिया से यही प्रचार कराया की स्वामी जी कुछ भी कहते रहते हैं, फसबुक और नेट आने के बाद पता चला की कांग्रेस किसी भी व्यक्ति के बारे कैसे दुष्प्रचार कराके उसकी जनता में विशासनियता कम करवाती है जिससे जनता को मुर्ख बनाया जा सके. डॉ.स्वामी जिस प्रकार से भारत के महा-डकैती के काग्रेस् के  कारनामो को उजागर करके उसे अदालत में ले जाते हैं, भारत में ऐसा कोई भी नहीं कर सक रहा है, न बीजेपी के लोग न अन्ना-केजरी का गिरोह...


मोदी और बाबा रामदेव जी के साथ मिलकर हिन्दुवादी लोगो के अगुआ बनने में डॉ.स्वामी की कामयाबी का असली फायदा अगले लोकसभा चुनावो में भारत को मिलेगा क्योकि जिसे कुछ नहीं चाहिए वही इस महान देश को विश्वगुरु बनाने में सहायक हो पायेगा अन्यथा कांगेस तो  सबका असली-नकली वीडियो बनाकर कब की ब्लैक्मेल हो रहे लोगो की जमात में खड़ी कर देती है और वह चाहते हुए भी देश के लिए कुछ भी नहीं कर पाता है. सही भी है- इस देश के लिए वही कुछ कर पायेगा जो ब्लैकमेल न हो रहा हो......


कांग्रेस के लोग जो भले ही अपनी बीबियो से ज्यादा दूसरे की बीबियो को प्यार करने का सगुन करते हो, इन हरामखोरो ने देश से कभी प्यार नहीं किया ; नेहरू के ही ज़माने से इस देश को धोखा के सिवा कुछ नहीं दिया. नेहरु – इंदिरा अपने को ब्राह्मण बताते बताते मर गए जब ये कही से भी हिंदू नहीं थे और आज के दिन हिंदू –विरोधी कानूनों और हिन्दुओ की दुर्दशा के लिए यही नकली ब्राह्मण जिम्मेदार हैं,

डॉ.स्वामी ने सनातन हिंदुत्व को देश ही नहीं सुदूर विदेशो में भी स्थापित किया और आज के दिन हो रहे हिन्दुओ के ध्रुवीकरण में डॉ.स्वामी का बहुत बड़ा हाथ है या कहिये की डॉ.स्वामी की छवि एक सच्चे हिंदू नेता की बन चुकी है और वह हिंदू युवाओ के हीरो बन गए हैं.


आज जहा पर मोदी को भारत की राजनीतिक शक्ति के रूप में देखा जा रहा है, बाबा रामदेव जी को अध्यात्मिक शक्ति का केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, वही डॉ.स्वामी को भारत के सबसे तेज तर्रार कूटनीतिज्ञ के रूप में सिद्धि प्राप्त है जिसका उपयोग सबसे बढ़िया तरीके तब हो सकता है जब भारत को एक राष्ट्रवादी सरकार चलाकर अपने को विश्व में श्रेष्ठ साबित करना पड़े यानी भारत का भविष्य उज्जवल है.


किसी भी हालत में बाबा – मोदी- स्वामी की ताकत पर आंच न आने दे.

जय माँ भारती..