Friday, 30 November 2012

स्वदेशी दिवस (३० नवम्बर)

आज स्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता भाई राजीव दीक्षित जी का जन्म दिवस है . संयोग से यहीं दिवस उनके पुण्य स्मरण का भी दिन है . इसे "स्वदेशी दिवस" के रूप में मनाया जाता है . आप सभी को स्वदेशी दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएँ .
- आज के दिन को आप किस तरह मनाना पसंद करेंगे ? आप के लिए कुछ सुझाव प्रस्तुत है .
- किसी स्वदेशी दुकान में जा कर खरीदारी करे . जैसे पतंजलि चिकित्सालय या गली के किराने की दूकान या कोई भी आप की मनपसंद स्वदेशी दुकान .
- सब्जी लेने जाए तो किसी बड़ी दुकान से ना ले कर किसी गरीब किसान या छोटे गुमटी वाले से फल और सब्जी ख़रीदे . 5-10 रुपयों के लिए उनसे बहस ना करे .
- अपने लिए काम करने वालों के सुख दुःख पूछे ; हो सके तो उन्हें मदद करे .
- स्वदेशी चिकित्सा अपनाए और औरों को प्रेरित करे .
- आज राजीव भाई का एक व्याख्यान परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर सुने .
- प्रण करे की खान पान और जीवन शैली में आयुर्वेद के नियम अपनाएंगे .
- मांसाहार और अंडे खाना छोड़ दे . कम से कम आज के दिन ना खाए .
- आप के आस पास मौजूद किसी ना किसी सामाजिक संस्था , गौशाला , जैविक खेती की कोई संस्था आदि से जुड़ कर ज़मीनी स्तर पर काम का शुभारम्भ करे .
- आज जहां तक हो सके अंग्रेजी का इस्तेमाल ना करे .
- आज के दिन भारतीय वस्त्र पहने .
- गर्व महसूस करें की हम भारतीय है .
- यदि आप के मन में कोई और भी सुझाव हो तो आमंत्रित है .
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३० नवंबर : राजीव दीक्षित भाई की जन्म दिवस और पुण्य तिथि : राष्ट्रवादी युवाओ के आदर्श क्यों बन गए राजीव भाई ????? राजीव जी ने हम साक्षरों को शिक्षित किया.......(१९६७-२०१०)
राजीव भाई के एक प्रखर समर्थक संदीपकुमार मौर्य जो पेशे से सिविल इंजीनियर हैं, ने बातों ही बातों में बताया की पिछले ५०० सालो में राजीव दीक्षित जैसा कोई आदमी भारत में पैदा ही नहीं हुआ तो मै भी सोच में पड गया और मै उनकी इन बातों का कारन जानने के लिए हर पहलू पर विचार किया तो पाया की वास्तविकता यही है की राजीव भाई में इतनी शक्ति होते हुए भी उनकी नैतिकता का कोई शानी नहीं है.
१) राजीव भाई एक वैज्ञानिक थे और ज्ञान के भण्डार थे जिस पर उन्होंने कभी घमंड नहीं किया और सिर्फ हकीकत को जानने की कोशिश किया और उसे सबको बताया.
२) एक प्रखर प्रवक्ता थे जो कठिन ज्ञान को भी सरल भाषा में व्याख्यान के जरिये सबको बताया.
३) राजीव भाई थे तो सैटेलाईट

टेक्नोलोजी वैज्ञानिक लेकिन उन्होंने धर्म, इतिहास, राजनीति, अर्थशाश्त्र, व्यापार, विदेशियों की लूट, खदानों की लूट, रक्षा अनुसंधान, आयुर्वेद, योग, उपनिषद, ग्राम विकास, उर्जा विज्ञान. खेती, दवाए सब पर बहुत ही बारीकी से अध्ययन किया और सबको जागरूक किया.
४) भारत की लूट के रहस्य “विदेशो में कालाधन” की सबसे पहले खुलासा किया.
५) शादी नहीं किया और पूरा जीवन जन सेवा और राष्ट्रसेवा में लगाया.
६) बहुत ही ईमानदार थे नैतिकता के पुजारी थे और इमानदारी से हर बात का सबूत एकत्रित किया और सबको साझा किया.
७) कभी पैसा कमाने की लाल्लसा नहीं पाली, देश के लिए ही लड़ते रहे.
८) कभी किसी से डरे नहीं और हर बात प्रमाण के साथ और शालीनता के साथ सबको बताया.
९) इतहास के रहस्य को भारत वासियों में बाटने वाले पहले व्यक्ति.
१०) कभी कोई नशा, मांस-मदिरा का सेवन नहीं किया. स्वस्थ और हसमुख थे,
११) बहुत कम सोये और बहुत अध्ययन करके हम सबको जगाया.
१२) “भारत स्वाभिमान” जैसे संगठन की बाबा रामदेवजी के साथ मिलाकर निर्माण किया जो राष्ट्र निर्माण में लगा हुआ है.
१३) बड़े से बड़े प्रलोभन को ठुकराया,
१४) गाय की रक्षा अभियान में बहुत काम किया बताया कैसे गोवंश भारत को महान बना देंगे.
१५) विदेशो में किताबो में बंद रहस्य को सरल भाषा में भारतवासियों को बताया.
१६) बिना की भय के भारत के लूट की साजिस को सबको बताया अपने व्याखानो के जरिये.
१७) भारत के इतिहास के खुलासो को सबसे पहले बिना डरे जनता को बताया.
अब क्या क्या लिखे, मै मानता हू जिसने राजीव दिक्सित के व्याख्यान नहीं सुने उसकी शिक्षा ही अधूरी है,
राजीव दीक्षित जी को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी की उनके व्याख्यानों (आडियो / वीडियो) को खुद सुने और लोगो की मोबाइलों में लोड करे, सैलूनो, बसों, पान की दुकानों, कम्पूटर की दुकानों में देकर सबको सुनाने के लिए कहे.

इस महान राष्ट्रवादी व्यक्तित्व को नमन.....
 
https://www.facebook.com/ankurtheprogrammer/posts/300599866718569


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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
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