Friday, 29 March 2013

कारगिल युद्ध मे वीरता पुरस्कार पाने वाले पर 8 केस -क्योकी वो सरकार की लूट के खिलाफ बोल दिया ।

जयराम- भूतपूर्व राजपुताना रायफल्स में दूसरी रेजिमेंट में फौजी-प्राणों पर खेलकर कारगिल युद्ध के दौरान तोलोलिंग पहाड़ी पर तिरंगा फहराया था! इस विरोचित कार्य के लिये राष्ट्रपति के हाथों वीरता पुरस्कार से भी नवाजा गया.. वही जयराम आज देशद्रोही हैं! उनपर राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने आठ फौजी मुकदमें चला रखें हैं..अधिकतर मुकदमों में उन्होने अग्रिम जमानत ले रखा है पर इन मुकदमों के चलते उन्हे फौज की नौकरी से भी निकलना पड़ा..


उनका अपराध ये है कि उन्होने प्रण किया है कि वे अपने गांव डाबला को खनन माफिया के हाथों बरबाद नहीं होने देंगें..उन्होने देखा था कि गांव मे जब बारूद से पहाड़ों को उड़ाया जाता है तो घरों में दरारें...खेतों में पत्थरों के टूकड़े इस कदर भर जातें हैं कि फसल नष्ट हो जाती है और इतनी रेत उड़ती कि लोग एक विशेष बिमारी के शिकार हो जातें..हैंडपंप का पानी सूख जाता है..गांव के लोगो को एकत्रित करके उन्होने खनन माफिया के विरूद्ध मुहिम छेड़ दी.. तमाम बड़े अधिकारियों से मिले..गुहार लगाई जब कुछ नही हुआ तो उनके नेतृत्व में गांव वाले धरने पर बैठे.. जिन रास्तों से बारूद के ट्रक गुजरते उन रास्तों को अवरूद्ध कर दिया.. सेना के दूसरे जवानों ने भी उनका साथ दिया..कुछ समय के लिये अवैध खनन रूका भी जयराम निश्चिंत होकर फौज में लौट गये..लेकिन चार महिने बाद अचानक ये सब फिर शुरू हो गया.. जयराम को खबर मिली तो वापस गांव लौट आये..


वाकया अगस्त 2012 का है... जब जयराम और उनके साथियों नें अवैध बारूद के तीन ट्रक को पकड़ा और एस एस पी को फोन किया..पुलिस ने खनन माफियाओं पर कार्यवाई करने की जगह जयराम पर ही आईपीसी की धारा 136 के तहत आठ मामले ठोक दिये..तीन दिनों तक जयराम अपने साथियों के साथ अपने गांव की पहाड़ी पर छिपे रहें..पुलिस नीचे खड़ी रही...सेना ने भी जयराम के समर्थन में मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.. जयराम कहतें है..'ये सिर्फ हमारे गांव की बात नही है..यह गांव गांव की कहानी है और जो भी अपने गांव खेत जंगल और अपने घर को बचाने की जुर्रत करेगा सरकार उसे यही इनाम देगी.. प्रधानमंत्री ने भी यही कहा है कि जो भी विकास का विरोध करेगा वह देशद्रोही है..हम भी तो ऐसे विकास का विरोध कर रहें हैं जो हमारे विनाश पर टिका हुआ है.. इसलिये हम भी देशद्रोही हैं.!!

फ्रेडरिक जेम्स ने कहा था कि पूंजीवाद एक ऐसी अवस्था में पहुंच गया है जिसमे तीन चीजों पर उसने कब्जा कर लिया है.. प्रकृति, ग्रामीण संस्कृति और मनुष्य का अंतः करण.!!

कांग्रेस सरकार को की जाने वाली कोई भी सेवा ,सब बेकार ही जायेगी ।

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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
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