Friday, 31 May 2013

Fwd: सर्वोच्च न्यायलय में अंग्रीजी थोपन बंद करो



---------- अग्रेषित संदेश ----------
प्रेषक: Surender Yadav <surender.ang@gmail.com>
दिनांक: 30 मई 2013 9:06 pm
विषय: सर्वोच्च न्यायलय में अंग्रीजी थोपन बंद करो
प्रति: bharatswabhimantrust@googlegroups.com, bharatswabhimanheadoffice@gmail.com, Harbans Kukreja <harbanskukreja@gmail.com>, Praveen Gupta <rajshree.nit@gmail.com>, Ravinder Kumar <2014bs@gmail.com>, himanshu yadav <yhimanshu897@gmail.com>, yogeshsharma21@live.com, yadavbhupendra81 <yadavbhupendra81@yahoo.co.in>, Narendra Sisodiya <narendra@narendrasisodiya.com>


राष्ट्र भाषा के बिना राष्ट्र गूंगा होता है हिंदी हमारी माँ है और माँ का कोइ विकल्प नहीं होता है 

अमर शहीद भाई राजीव दीक्षित 

क्या स्वाधीनता का अर्थ केवल 'यूनियन जैक' के स्थान पर 'तिरंगा झंडा' फहरा लेना है? कहने के लिए भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है, परंतु जहां जनता को अपनी भाषा में न्याय पाने का हक नहीं है, वहां प्रजातंत्र कैसा? दुनिया के तमाम उन्नत देश इस बात के प्रमाण हैं कि कोई भी राष्ट्र विदेशी भाषा में काम करके उन्नति नहीं कर सकता। प्रति व्यक्ति आय की दृष्टि से विश्व के वही देश अग्रणी हैं, जो अपनी जनभाषा में काम करते हैं और वे देश सबसे पीछे हैं, जो विदेशी भाषा में काम करते हैं। विदेशी भाषा में उन्हीं अविकसित देशों में काम होता है, जहां का बेईमान अभिजात वर्ग विदेशी भाषा को शोषण का हथियार बनाता है और सामाजिक-आर्थिक विकास के अवसरों में अपना पूर्ण आरक्षण बनाए रखना चाहता है।

भाई श्याम रूद्र पाठक जी का प्रत्येक भारतीय की माँ हिदी को भारत के उच्चतम न्यायालय में 

स्थापित करवाने का एक भागीरथ प्रयाश जो नई दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय के बाहर 177 दिनों से 

सत्याग्रह पर है आपसे विनम्र निवेदन है की इस राष्ट्र कार्य में अपना अमूल्य सहयोग देने हेतु दिनांक  01 जून 

दिन शनिवार प्रात 10 बजे 24 अकबर रोड कांग्रेस मुख्यालय नई दिल्ली पहुचे !इस राष्ट्र कार्य में 

सहयोग हेतु संपर्क करे ........भाई अनिरुद्ध पाठक .9818216384.............

स्वदेशी रक्षक .........सुरेन्द्र यादव 8010992803




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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
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