Sunday, 23 June 2013

दिल्ली माल में १०-१५ फीट के अधनंगे पोस्टर ?

ये दिल्ली का हाल है,
यहाँ के माल में १०-१५ फीट बढे नंगे पोस्टर होना आम बात है
ये चित्र साकेत के माल का है, आप लोगो के इस चित्र को मेरी प्रोफाईल में देखकर दुःख हो रहा होगा ।
मैं बस इतना कहना चाहता हूँ की इतने बढे नंगे और आकर्षक पोस्टर रास्तो पर क्यु लगाये जाते है । माल में २००-४०० बच्चे रोज आते है, वो सब बच्चे लोग कम से कम २-३ बार जरूर देखते है । बच्चो के मन में यदि बचपन से़ ही नारी को ऐसा दिखाया जायेगा तो उसकी वैल्यू घट जायेगी और वो उसको एक "खिलौना" समझेगा जैसे की विदेशी लोग करते है, ऐसा बच्चा बडा होकर बलात्कारी ही बनेगा और लडकीयाँ हाई प्रोफाईल *****।

आप लोगो से अनुरोध है की इसको शेयर और ऐसे मामलो को जनता के बीच लाये


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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
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अमेरिका में बढते STD रोग

अमेरिका की मुक्त यौन समाज की तारीफे करने वाले जरा इन आँकडो को जरूर पढे और सोचे की भारत जैसे देश के लिये अमेरिका की नकल करना कितना सही है ।

# 1 - हर साल अमेरिका में लगभग 190 लाख नये एसटीडी संक्रमण मामले । लगभग उनमें से आधे तो 15 से 24 वर्षीय आयु वर्ग में युवा होते है ।

# 2 - और हर साल, अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग यौन संचारित रोगों के इलाज के लिए लगभग $17,00,00,00,000 डोलर खर्च कर देती है ।

# 3 - साल 2011 में अमेरिका में 14 लाख क्लैमाइडिया के थे. और इनमे से 33 प्रतिशत में 20 साल से छोटे बच्चे थे ।

# 4 - यह बारे में अनुमान है कि हर छह अमेरिकियों मे से एक को हरपीज है.

# 5 - हर साल, 24,000 अमेरिकी महिलाओं बाँझ बन जाती है क्योकी उनको कौन सी एसटीडी का पता नही चलता या वो इलाज नही करवाते ।

# 6 - अमेरिका में लगभग आधे छात्र स्कूल शिक्षा के दौरान ही के सेक्स कर लेते है.

# 7 - 25% महिलाओं को और किशोर लड़कियों के कोई एक यौन संचारित रोग है.

# 8 - एक सर्वेक्षण के अनुसार, 24 प्रतिशत एसटीडी के मामले असुरक्षित यौन संबंध के कारण है

# 9 - 20% किशोर लडकियाँ, किशोरावस्था में ही माँ बनना चाहती है ।

#10 - अमेरिका के "किशोर गर्भावस्था की दर" सर्वाधिक है । यह दर, कनाडा से दो गुनी और जापान से सात गुणी है ।

#11 - 1960 में 72 प्रतिशत युवा शादी शुदा थे । आज केवल 44.2 प्रतिशत । शादी करने की रीत अब खतम होती जा रही है ।

#13 - आज अमेरिका में आधे से ज्यादा लोग शादी के पहले लीव-इन में रहते है ।

#14 - लीव-इन जोडो में तलाक की दर बहुत ज्यादा है अगर हम तुलना करे उनकी जो लीव इन में नही रहते है ।

#15 - पूरी दुनिया में अमेरिका में तलाक की दर बहुत ज्यादा है

#16 - यौन क्रांति ने अमेरीकी महीलाओं को एक "सेक्स ओबजेक्ट" (खिलौना ) बना कर रख दी है । इंटरनेट का 30% ट्रेफिक सिर्फ "अश्लील वेबसाईटो" का है ।

#17 - हर साल 10 लाख बच्चो को पेट में ही मार दिया जाता है ।

#18 - प्रत्येक वर्ष गर्भपात के हाथों मारे गए अमेरिकी बच्चों की संख्या लगभग बराबर है

#19 - यह बताया गया है कि सभी न्यूयॉर्क शहर गर्भधारण 41 प्रतिशत मामले में गर्भपात किया जाता है ।


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650 facts: Every Indian must know




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Saturday, 22 June 2013

650 facts, every Indian must know

http://www.scribd.com/doc/149330922/650-Facts-Every-Indian-Must-Know

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│  नरेन्द्र सिसोदिया
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Fwd: [BST] Fwd: Donation



---------- अग्रेषित संदेश ----------
प्रेषक: headoffice bharatswabhiman <bharatswabhimanheadoffice@gmail.com>
दिनांक: 21 जून 2013 5:12 pm
विषय: [BST] Fwd: Donation
प्रति: bharatswabhimantrust@googlegroups.com


प्रिय राष्ट्रप्रेमी वन्धु/भगिनी,


परम पूज्य स्वामी रामदेव जी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में बाढ़ पीड़ितों को 60,000 बिस्कुट के पैकेट, 15,000 पानी की बोतल, दवाईयां तथा अन्य राहत सामग्री पहुँचाई गयी है तथा वहां भारत स्वाभिमान के कार्यकर्ता लगातार बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे है |

इस से पहले भी स्वामी रामदेव जी उत्तरकाशी में प्राकृतिक आपदा में सेवाएँ दे चुके हैं और जनता की अपने हाथों से सेवा कर चुके हैंबिहार में जब बाढ़ आयी थी तो स्वामी रामदेव जी और श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने वहाँ जाकर लोगों की सेवा की थी. राष्ट्रहित में स्वामी रामदेव जी हमेशा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं गरीव जरूरतमंद जनता की सेवा करते हैं

राष्ट्र हित में इस पुनीत कार्य के लिए अपना योगदान करने हेतु पंजाब नेशनल बैंक की निम्न खाते में मुक्त हस्त से दान दे सकते हैं:
"पतंजलि राहत कोष" A/c 1074000190263148 IFSC Code PUNB0107400

धन्यबाद सहित,

दिलीप
भारत स्वाभिमान मुख्यालय 
राजीव दीक्षित भवन, पतंजलि योगपीठ, फेज २, निकट बहादुराबाद, हरिद्वार-249405
"रोग, नशा एवं विदेशी कंपनियों के षड़यंत्र से देश को वचाकर कालेधन, भ्रष्टाचार एवं भ्रष्ट व्यवस्थाओं से मुक्त भारत निर्माण का संकल्प - भारत स्वाभिमानYours faithfully,
Dillip
Bharat Swabhiman Headoffice
website: www.bharatswabhimantrust.org


Sunday, 16 June 2013

वाह री "वैनिला" के प्रति मानसिक गुलामी

क्या आपने कभी वैनिला को देखा या सूँघा है ? "वैनिला फ्लेवर" वाली आइसक्रीम से लेकर चोकलेट की भरमार है । बच्चे बच्चे से लेकर हर एक ने जो शहर में है उसने "वैनिला" का नाम तो सुना ही होगा ।

वैनिला एक "विदेशी" पौधा है । जैसे तुलसी है, इलाईची है, केसर है, इसी प्रकार का एक मसाला है ।
http://en.wikipedia.org/wiki/Vanilla

मैडागास्कर और इंडोनेशिया इसका ८०% उत्पादन करता है । अगर आपको ये शुद्ध रूप में चाहिये तो आपको २५०० रूपये लीटर से ज्यादा का मिलेगा ।

बाजार में जो भी चोकलेट, पेस्ट्री या आइसक्रीम आपको मिलती है उसमें सिर्फ और सिर्फ अरटिफीशियल फ्लेवर (नकली स्वाद) होता है । इसी तरह का हाल है  |

मैने जो चित्र दे रखा है, उसमें साफ साफ लिखा है ARTIFICIAL ,
असली और नकली में क्या अंतर होता है , ये जानने के लिये आप ये समझ लिजिये की नकली स्वाद , कम से कम २००-३०० केमीकल मिलाये जाते है।

मै आपसे सिर्फ दो ही बाते बताना चाहता हूँ,

१) पहली तो ये की अगर खाना ही है तो असली वैनीला खाओं, स्वाद के नाम पर केमीकल क्युँ खा रहे हो ?

२) इस विदेशी पौधे के प्रति इतनी क्या दिवानगी की अपने देशी स्वाद भूल गये ? हमारे यहाँ की सुंगधित पौधे, अर्क की कमी है क्या, केसर, बादाम, इलाइची, गुलाब, तुलसी, इमली और पता नही कितने हजारों तरीके की खुशबू वाले पौधे पाये जाते है । देशी स्वाद के नाम पर तो हजारों तरीके की आइसक्रीम बनाई जा सकती है ।
विदेशीयों के पास कुछ होता नही है, और जो थोडा बहुत प्रकृति ने उनको भीख में दे दिया है वो उसका इस्तेमाल करते है । वैनीला उनकी मजबूरी है, पर भाई भारत जैसे देश में बाहर के पौधो की क्या जरूरत है ? ये सिर्फ और सिर्फ भारतीय लोगो की मानसिक गुलामी को दर्शाता है, कि भारतीय लोगो विदेशीयों को श्रेष्ठ मानते हुये उन्ही का अंधानुकरण करते है ।




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│  नरेन्द्र सिसोदिया
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Sunday, 9 June 2013

हम सब ओजोन लेयर को तोड रहे है ।

दिल्ली की गर्मी के आगे जब घुटने टेक दिये तब मैने २ दिन पहले AC  खरीदा । आपको चित्र में उसका मोडल नंबर दे रखा है । इसमें आप साफ देख सकते है की इसमें रेफ्रिज्रेन्ट R22 उपयोग किया गया है,

R22 को साइंस की भाषा में क्लोरोफ्लोरोमिथेन कहते है । ]विकीपिडिया पर इसके बारे में पढे ।

http://en.wikipedia.org/wiki/Chlorodifluoromethane

Chlorodifluoromethane or difluoromonochloromethane is a hydrochlorofluorocarbon (HCFC). This colorless gas is better known as HCFC-22, or R-22. It is commonly used as a propellant and refrigerant. These applications are being phased out in developed countries due to the compound's ozone depletion potential (ODP) and high global warming potential (GWP), although global use of R-22 continues to increase because of high demand in developing countries.

इसका मतलब ये है की R22 और उसके जैसी अन्य गैस ओजोन लेयर को नुकसान पहुँचा रही है, दिन ब दिन इसका उपयोग बड रहा है । आपके AC (ऐसी) और फ्रिज में टंडा करने के लिये यही गैस इस्तेमाल की जाती है ।

इसका मतलब ये है की हम सब अपनी ओजोन लेयर को नुकसान पहँचा रहे है ।
अब इससे निकलने का रास्ता क्या है । जाहिर है एक अकेला तो कुछ नही कर सकता है, इसके लिये हम सरकार पर दबाव बनाना चाहिये ।

नेचुरल रेफ्रिज्रेन्ट

सरकार को कानून बना कर नेचुरल रेफ्रिज्रेन्ट को बढावा देना चाहिये ।
  • पानी -R718
  • हवा - R729
  • कार्बन डाइअाक्साइड - R744
  • अमोनिया - R717
  • R290, R600a
आप इनके बारे में यहाँ से पता कर सकते है ।
http://www.refrigerantsnaturally.com/natural-refrigerants/about-natural-refrigerants.htm

कुछ भारतीय कंपनियाँ जैसे गोदरेज R290 के AC (ऐसी) बनाने लग गई है, ये हमारे लिये अच्छी बात है ।



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Saturday, 8 June 2013

पानी का बैंकबेलेंस ।

जो पानी वर्षाजल के रूप में आता है वो हमारी सेलेरी है,
जो पानी नही के रूप में आता है वो हमारा बोनस है ।
जो पानी धरती के अंदर से आता है वो हमारा बैंकबेलेंस है ।
हम कैसे मूरख है जो हमारी सेलेरी से काम नही चला रहे है और हमारा बैंकबेलेंस से काम चला रहे है ।
पेप्सीकोला जैसी कंपनीयाँ करोडो करोड लीटर बैंकबेलेंस का पानी लूट रहे है और हम 

जो सूरज का प्रकाश (सोलार सेल) है वो हमारी सेलेरी है, गोबर गैस और पवन उर्जा हमारा बोनस है और धरती के अंदर का पेट्रोल हमारा बैंक बेलेंस है । कितने मूरख है जो हम और सरकार की उधार का पेट्रोल व गैस ले रहे है ।



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Friday, 7 June 2013

जब गाय से करो प्यार तो काहे करो गौमू्त्र से इंकार

मेरे पास समय की कमी है इसलिये ज्यादा लिख नही सकता ।
बस इतना कहना चाहता हूँ की मेने गौ मूत्र का सेवन चालू कर दिया है । मै बिमार नही हूँ और चुँकी   अब में गौमूत्र पिता हूँ तो अब हो नही सकता हूँ ।

गौ मूत्र वास्तव में महा - औषधी है, इसमें १८ माईक्रो न्युट्रियन्स होते है जो आपकी १५० से ज्यादा बिमारीयाँ ठीक करते है, यहाँ तक की केंसर का भी ।
अमेरीका में गौमूत्र पर कुछ पेटेंट हो गये है और भारतीय आयुर्वेद की किताबों में गौमूत्र की खूब प्रशंसा की गई है ।
http://www.purnswadeshi.org/2013/03/blog-post.html

भारत में काफी सारे कतलखाने है, जहाँ रोज गाये कटती है मात्र इसलिये की वो दूध नही देती है (जब आपकी माँ ने पूरी जिंदगी में २-३ साल दूध दिया तो गौ माता से पूरी जिंदगी दूध क्यो चाहते हो?)

अगर हम सब रोज गौमूत्र पीने का प्रण ले ले तो भारत की गाये कटना कम हो सकती है,
जब अमेरीका टोइलेट क्लीनर से कोल्ड ड्रींक बना सकते है तो हम गौमूत्र से क्यों नही ??
गोबर को जलाने के बाद वो राख बनती है वो पानी को सुद्ध करती है ।





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Monday, 3 June 2013

Wake Up or Perish



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