Friday, 7 June 2013

जब गाय से करो प्यार तो काहे करो गौमू्त्र से इंकार

मेरे पास समय की कमी है इसलिये ज्यादा लिख नही सकता ।
बस इतना कहना चाहता हूँ की मेने गौ मूत्र का सेवन चालू कर दिया है । मै बिमार नही हूँ और चुँकी   अब में गौमूत्र पिता हूँ तो अब हो नही सकता हूँ ।

गौ मूत्र वास्तव में महा - औषधी है, इसमें १८ माईक्रो न्युट्रियन्स होते है जो आपकी १५० से ज्यादा बिमारीयाँ ठीक करते है, यहाँ तक की केंसर का भी ।
अमेरीका में गौमूत्र पर कुछ पेटेंट हो गये है और भारतीय आयुर्वेद की किताबों में गौमूत्र की खूब प्रशंसा की गई है ।
http://www.purnswadeshi.org/2013/03/blog-post.html

भारत में काफी सारे कतलखाने है, जहाँ रोज गाये कटती है मात्र इसलिये की वो दूध नही देती है (जब आपकी माँ ने पूरी जिंदगी में २-३ साल दूध दिया तो गौ माता से पूरी जिंदगी दूध क्यो चाहते हो?)

अगर हम सब रोज गौमूत्र पीने का प्रण ले ले तो भारत की गाये कटना कम हो सकती है,
जब अमेरीका टोइलेट क्लीनर से कोल्ड ड्रींक बना सकते है तो हम गौमूत्र से क्यों नही ??
गोबर को जलाने के बाद वो राख बनती है वो पानी को सुद्ध करती है ।





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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
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