Saturday, 8 June 2013

पानी का बैंकबेलेंस ।

जो पानी वर्षाजल के रूप में आता है वो हमारी सेलेरी है,
जो पानी नही के रूप में आता है वो हमारा बोनस है ।
जो पानी धरती के अंदर से आता है वो हमारा बैंकबेलेंस है ।
हम कैसे मूरख है जो हमारी सेलेरी से काम नही चला रहे है और हमारा बैंकबेलेंस से काम चला रहे है ।
पेप्सीकोला जैसी कंपनीयाँ करोडो करोड लीटर बैंकबेलेंस का पानी लूट रहे है और हम 

जो सूरज का प्रकाश (सोलार सेल) है वो हमारी सेलेरी है, गोबर गैस और पवन उर्जा हमारा बोनस है और धरती के अंदर का पेट्रोल हमारा बैंक बेलेंस है । कितने मूरख है जो हम और सरकार की उधार का पेट्रोल व गैस ले रहे है ।



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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
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