Saturday, 24 August 2013

पानी बचाने का सबसे आसान तरीका

दोस्तों, मै आपको पानी बचाने का सबसे आसान तरीका बताता हूँ ।
मेरे दोस्त, पानी हमें २ तरीकों से मिलता है, एक जमीन से, और दूसरा आकाश से (बादल से) !

जो जमीन का पानी है वो तो हमारा "बैंक बेलेंस है" और जो बादल का पानी है वो हमारी सेलेरी ।
हमको अपना काम अपनी "सेलेरी" से चलाना चाहिये, अगर हमारा खर्च ज्यादा होगा तो हमें अपना बैंक बेलेंस खतम करना पडेगा । और यही हो रहा है । हमारा भूमीगत पानी का स्तर नीचे और नीचे जा रहा है ।

आपको जानकर आश्चर्य होगा की बारीश का पानी पीने योग्य होता है, मैने खुद मशीन से टेस्ट किया है , और ये बिसलरी , एकवाफिना जैसे २० रूरये लीटर पानी से भी ज्यादा शुद्ध । कारण साफ है, बादल में गंदगी नही पायी जाती है ।

आपको जानकर आश्चर्य होगा की अगर आप अपनी १००० स्कैवेयर फुट छत वाले मकान की छत पर पानी जमा करे तो हर रोज २०० से ५०० लीटर पीने योग्य पानी जमा हो जायेगा,

मैं आपको जोड कर बताता हूँ ।

१० सेंटीमीटर १ डेसीमीटर होता है । इस प्रकार, १००० Sq Foot होता है ९२९० Sq Dm (स्कैवेयर डेसीमीटर) !
भारत में बारीश हर स्थान पर अलग अलग होती है, जैसे मेरे मध्य प्रदेश में १० डेसीमीटर से २० डेसीमीटर तक होती है ।

तो अगर आपने अपनी छत का पानी इकट्ठा कर लिया तो उसका आयतन हो जाता है -

२० dm x ९२९० sq dm = १८५८०० cubic dm = १८५८०० लीटर

cubic dm मतलब है १ लीटर ।

तो आपको सालाना १,८५,८०० लीटर पानी मिलेगा , वो भी छत से ।  हर रोज वा हिसाब होगा

१,८५,८००/३६५  = ५०९ लीटर ।

आपके यहाँ, ज्यादा जमीन है तो और भी ज्यादा पानी । इसी हिसाब को और आगे बडाये तो १ एकड खेत में 
४४ x ५०९ लीटर = २२,३९६ लीटर पानी वो भी हर रोज । आप सोचे कितना सारा पानी है ये । अगर पानी तो ठीक से बचाया जाये तो हमें ऐसी नौबत देखने को मिलेगी ही नही । 





आप अगर बारीश के पानी को सीधे उपयोग नही करना चाहते तो आप गड्डा खोदकर उसमें बारीश से आने छत का पूरा का पूरा पानी पहँचा दे ।

आपका -
नरेन्द्र सिसोदिया