Thursday, 28 November 2013

मुंबई ताज होटल जेहादी हमला

कितनी ज्यादा मानसिक गुलामी घुसी हुई है भारत में, इसके लिये ये उदाहरण ही काफी है।

कुछ सालो पहले भोपाल में जहरीली गैस उडी थी, जिसको "भोपाल गैस त्रासदी" कहा गया, ऐसे ही भुज के भूकंप को "भुज का भूकंप" कहा गया । जब भी कोई त्रासदी होती है तो उसका नाम होता है । जैसे "कारगिल युद्ध" । मुंबई में भी एक हमला हुआ था, जिसका नाम नाम "२६/११" दे दिया गया । ये नामकरण सेकुलर मानसिक गुलामों ही देन है । अरे भाई, अमेरीका ने ९११ नाम रख दिया तो तुमने भी २६/११ नाम रख कर अपनी अमेरीका के प्रति मानसिक गुलामी का परिचय दे दिया । अगर ९११ का हमला नही हुआ होता तो आज मुबंई हमले को हम -- "मुंबई ताज होटल जेहादी हमला" कहते ।


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│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
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