Friday, 27 December 2013

कहाँ से आया "सरकारी बाबू" शब्द

अंग्रेजों ने जब ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कोलकात्ता में की तो उन्हें कार्यालय में काम करने के लिए क्लर्कों की आवश्कता पड़ी , ब्रिटिश अधिकारीयों ने क्या देखा, वहाँ काम करने वाले लम्बे और कठिन इंग्लिश शब्दों को नए क्लर्कों को बोलते देखा , ऐसे कठिन शब्द जिन्हे ब्रिटिश अधिकारी भी अर्थ देखने क लिए अंग्रेजी शब्द कोष देखते। अंग्रेज अधिकारीयों को इन क्लर्कों की अंग्रेजी की नकल अजीब सी लगी , लेकिन गज़ब तब हुआ जब अंग्रेजी नव वर्ष आया, अंग्रेजों को तब अपने देश इंग्लैंड की याद आयी जब सारा इंग्लैंड बर्फ की चादर में चंदमा की चांदनी में बिलकुल नया नया दिखायी देता हैं और उस चांदनी के धवल सौर्दर्य में कहा जाता है ," हैप्पी न्यू इयर " ब्रिटिश अधिकारी उसी को याद कर के परस्पर हैप्पी न्यू इयर कह रहे थे , उनकी नकल कर इन क्लर्कों ने भी आपस में हैप्पी न्यू इयर कहना शुरू कर दिया, तब ब्रिटिश अधिकारीयों ने खीझ कर नकलची बन्दर की सब सी बड़ी प्रजाति "बबून" कह कर गाली दी, जो बबून से बन गयी "बाबू" लेकिन गाली ब्रिटिश अधिकारिओं ने दी थी , इसलिए सब ने ख़ुशी से अपना लिया, लेकिन ब्रिटिश अधिकारी यह नहीं जानते थे कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब पुरे (अधिकांश) भारत के लोग भी बाबू (बबून) बन जायेगे l

From  - https://www.facebook.com/omparkash.trehan/posts/777169465630931

--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

Thursday, 26 December 2013

गोबर गैस के सफल प्रयोग - ३



--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

Wednesday, 25 December 2013

गाय का सबसे बडा दुश्मन LPG रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सीडी है |

गाय का सबसे बडा दुश्मन LPG रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सीडी है । अगर रसोई गैस ओर दी जाने वाली सब्सीडी हटा दी जाये तो गैस का सिलेंडर १५०० तक पहँच जायेगा जो की उसकी असली कीमत है । छोटे शहरों में यही सिलेंडर २००० का पडेगा । अगर ऐसा हो गया तो गाँव वाले लोग गोबर गैस सिलेडर पर काम करना चालू कर देंगे । जो की ५००-७०० रूपये का पडता है ।
अगर ५ लाख गाँवो में रसोई गैस चलने लग जाये तो इतना दूध पैदा होगा कि दूध की किमते ४०-५० से सीधे १० रूपये लीटर पर आ जायेगी । लोग दूध पर जहाँ १२०० खर्च करते है वहीं ३०० रूपये में काम चल जायेगा । २०० रूपये सिलेंडर पर बड जायेंगे लेकिन ७०० रूपये दूध के भी बच जायेंगे ।  हर साल खरबो डालर भारत अरब देशो को देता है ताकी वो कच्चा पेट्रोलीयम भारत भेजे जिससे LPG गैस बनती है । ये पैसा भी बचेगा । भारत सरकार जो गैस पर सब्सीडी देता है वो चाईना से तो लाता नही है वो पैसा हम और टेक्स के रूप में जमा करते है । तो टेक्स में भी बचत होगी ।
करोडो डालर देश के बाहर , करोडो रूपये का टेक्स और मँहगा दूध , इन सबसे छुटकारा पाया जा सकता है अगर हम गाय माता को हमारे अर्थशास्त्र के मूल में मान ले तो
लेख  - नरेन्द्र सिसोदिया

--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

Sunday, 22 December 2013

गोबर गैस के सफल प्रयोग - २


रसोई गैस की कमी व उसकी कीमतों में हो रहे इजाफे से जहां पूरे देशवासी परेशान हैं। वहीं गुजरात का एक गांव ऐसा है, जहां के लोगों को इसकी कोई चिंता नहीं। इन्हें रसोई गैस की किल्लत या उसकी बढ़ रही कीमतों से कोई फर्क नहीं पड़ता।

पालीताणा तहसील के मेढा व लाखावाड गांव में लगभग 150 परिवार रहते हैं। इस गांवों में गोबर गैस के प्लांट ने इन लोगों की सारी मुश्किलें खत्म कर दी हैं। इतना ही नहीं, इन गांवों के लोग खेती के लिए भी रासायनिक पदार्थो की जगह कुदरती प्रयोगों का ही इस्तेमाल करते हैं। गांवों में लगे गोबर गैस के प्लांट में ऑग्रेनिक वेस्ट से भी गैस पैदा होती है।

अब से लगभग आठ साल पहले राज्यसभा के सांसद मनसुखभाई जब एग्रो इंडस्ट्रीज चेयरमैन के पद पर थे, तब उन्होंने वैकल्पिक ऊर्जा के प्रयोग के लिए ग्रामीणों को जाग्रत किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने यहां गोबर गैस के प्लांट भी शुरु करवाए और इस काम में उन्हें ग्रामीणों का भी भरपूर सहयोग मिला। इसी का परिणाम है कि आज ये गांव रसोई गैस की किल्लत से पूरी तरह मुक्त हैं।


--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

गोबर गैस का सफल प्रयोग

मित्रो हमने हमारे घर में ही गौमाता के गोबर से बायोगैस निकलकर सिलिंडर में भर दी है और इसका खर्च मुस्किल से 10000/- रूपये भी नहीं आया अब चुला गौमाता के गोबर से बनी गैस से जलता है आप भी अपने घर में बना सकते है और एलपीजी की कला बाजारी से बच सकते है अधिक जानकारी के लिए मेरे से सम्पर्क कर सकते है -09215959500 राजीव भाई का समर्थक मुकेश कुमार





From - https://www.facebook.com/sanskareducationsociety/posts/464305087013436


--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

Saturday, 21 December 2013

Full Report on Cow Urine

Here is the full report that Cow Urine (GauMootra) contain many significant minerals !
-------------
Report Received form

BANGALORE TEST HOUSE
D-36,4th Main,KSSIDC Industrial Estate,
Rajajinagar BANGALORE-560 044.

Tel: 080-23502684, 23388895, Fax: 080-23502689

Email: testhouse@satyam.net.in /bthindia@hotmail.com / bthr@bthindia.com
Website: www.bthindia.com

 




--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

Monday, 16 December 2013

The Banking System and Big Corporates are your real enemy

Everytime you use Credit Card, you take a short term loan. For every 90 Rupee of Loan, Bank "generate" around 2000 Rupee Virtual Money. Virtual money is just Computer figure. You work hard, for earn money but Bank need not to earn money, They just press "Keyboard" to make more money.

If you need loan for education you have to give so many documents and Beg for it, and that will be 10% Interest Rate. If Bank Give most money to Big Corporates with very low interest rates. Everytime you take loan or use Credit Card or use Bank Virtual money (like cheque, computer figure) you help Big Corporation to Grow !

The Ultimate Aim of this whole system is to grow capitalistic market and make you just a consumer.. Look out you papa aur grandpa , they earned less and saved more. You guys are earning huge and saving noting.

America Revolution was used Bank money with compromise in 1870-1890 era. that compromise have a rise in private Banking sector. the Democracy is designed in a such a way that it will only help Corporates ! America's democracy is older the Bharat. you can see now, in America, Govt is sponsored by American Capitalistic elements. After 50 -90 years, Indian Govt will also become like American Govt , fully sponsored by Corporates !!

The illusion is -- Banking sector and Corporate sector is two separate things but actually it is wrong.. both are same. Big corporates also own Bank and have very Good approach in Govt and they create profit making laws and get low interest rate loans and create a huge Virtual money which comes to you as your salary. All they want their virtual money to be returned to them via computers (ATM ,Credit Cards ,Internet Transactions ). You saving habit is their biggest problem , they just hate somebody withdrawing "Cash", the real paper money because they just do not have it. all they have just 3% cash and Rest 97% is just a figure/number in your computer screen ! So they have created a system where you become a consumer slave who just spend 100% of their salary and fully depended on Credit Card or Loan based future virtual money !!

You Blame Politics as the real reason of all bad thing, but you need to identify man behind the all the problem.. The Banking System and Big Corporates are your real enemy and your are hopeless dependent on them.

Remember , hopelessly dependent is another name of "Slavery" !!


--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

Sunday, 15 December 2013

चाय वाले की दुकान पर पिज्जा की माँग उठाई - अनशन पर बैठा हैरी

हैरी नाम का बंदा, चाय वाले के दुकान के सामने अनशन पर बैठा है और बोल रहा है की भाई तु पिज्जा बना कर दे । चाय वाला हैरान परेशान है की जब में पिज्जा बनाता ही नही हूँ तो काहे अनशन पर बैठा है । उधर हैरी का नाम का कूलडूड बोल रहा है की पिज्जा खाना मेरा मैलिक अधिकार है, और ये चाय वाले को पिज्जा भी बनाना आना चाहिये। चाय वाला ये समझाने की कोशिश करना की वो पिज्जाहट क्युँ नही जा रहा है ।

अब मुद्दे की बात ।

अरे भाई, दुनिया में काफी ऐसे होटल है जहाँ स्टाफ से लेकर कस्टमर सब नंगे रहते है, काफी ऐसी खुली जगह है जहाँ आप खुले में सेक्स भी कर सकते हो और नंगे घुम सकते हो । काफी देश है है जहाँ आप एक क्या ५ -६ शादी कर सकते हो और सबके साथ सेक्स कर सकते हो  और कुछ तो ८ साल की बच्चियो से साथ भी करते है । कुछ ऐसी जगह भी है जहाँ भाई भाई , और बहन बहन से लेकर पता नही क्या क्या चल जाता है ।
ये सब होता है दुनिया में ।

सवाल ये है अगर आपको ये पसंद है तो आप उस देश में चले जाओ, किसी ने रोका है क्या ? क्यों भारत और भारतीयता की बजाने में लगे हो । आपका असली मकसद क्या है ? आपकी पसंद को गंदी आदत को पाना या उस गंदी आदत से लोगो को लगाना  और भारतीयता की धज्जीयाँ उडाना ?

जो गे लेस्बीयन और गंदे काम करना पसंद करते हो वो चले जाओ भारत के बाहर मजे करने , भारत को बिगाडने की क्या जरूरत है तुमको ।

================
चाय वाला == भारत
चाय == भारतीयता
हैरी == वामपंथी और अधिकतर कूल डूड
पिज्जा माँगना == गे लेस्बीयन के कानूनन सही ठहराना


--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

पोर्न स्टार का हिंदी मतलब रंडी और जानिये हिंदी की असली ताकत

क्या कोई बता सकता है की पोर्न स्टार का हिंदी मतलब क्या होता है । मुझे जहाँ तक पता है की "रंडी" शब्द ज्यादा उचित रहेगा ।

अब मुद्दे की बात, हम हिंदी को हथियार बनाकर काफी लडाई लड सकते है ।
पहले में बताता हूँ आखिर हिंदी को ही हथियार क्युँ बनायें ? मेरा कहने का मतलब है कि आप अपनी मातृभाषा को हथियार बनाकर लड सकते है । क्योंकी इंग्लिस से हमारा भावनात्मक लगाव (emotional attachment) नही है, ये नही होने के कारण हमारे समाज का बेडा गर्क हो रहा है ।

१) जैसे आप इन्ग्लिस में Sorry या Thank You रोज थोक के भाव बोल देते हो, कभी इसकी जगह आप "कृपया मुझे माफ या क्षमा करों" या फिर "आपका धन्यवाद" कह के बोलो, आपकी जुबान बोल ही नही पायेगी । क्योंकि आप ये शब्द तभी बोलोगे जब सच में कोई बहुत बडी गलती हो गई है या फिर सच में किसी ने बहुत अच्छा काम कर दिया हो ।
२) यही बात I love you बोलने पर भी लागू होती है ।
३) Credit Card का हिंदी में मतलब होता है "उधार पत्र", मैने अपनी लाईफ में ऐसे खुद्दार और स्वाभीमानी लोग देखे है जो भूखा सोना पसंद करेंगे लेकिन १ रूपया भी किसी से उधार लेना पसंद नही करेंगे , लेकिन ऐसे लोग भी क्रेडिट कार्ड उपयोग करते मिल जायेंगे, वजह साफ है कार्ड के उपर "Credit Card" लिखा होता है । अगर "उधार पत्र" लिखा हो तो आधे से ज्यादा लोग उपयोग करना ही छोड देंगे ।
४) रास्ते में आते जाते कुछ गाडियों पर या टीशर्ट पर FUCK लिखा होता है, लेकिन इसका मैने हिंदी लिख दिया तो आप मुझे ही गाली देने लग जाओगे की भाई ये "मस्तराम डोट कोम" की भाषा काहे इस्तेमाल कर रहे हो । चीज वही लेकिन पूर्ण हिंदी में आप काम करोगे तो आप ऐसे गंदे शब्दो से बच जायेंगे । ये बात आपकी अपनी मातृभाषा पर भी लागू होती है ।
५) हमारे भारत में कोई आदमी के साथ कोई महिला विना शादी के रहती है तो उसको रखैल कहते है उसकी कोई इज्जत नही होती है । हाँ मैने ऐसा देखा है की आदमी कभी कभी एक आदमी दो  औरतों से शादी कर लेता है तो दोनो ही उसकी पत्नी कहलाती है और दोनो की ही इज्जत होती है, मैने तो ऐसा देखा है की आदमी नई औरत से शादी कर लेता है और पहली को छोड देता है, पहली औरत दूर रह कर भी उसका सिंदूर भरती है ।
अब आज के दिल्ली शहर हो देख लो, यहाँ पर छोटे शहरों के युवा युवती आते है, और अपने माँ बाप से झूट बोल कर सारे गंदे काम करते है ।
एक बार मेरी पत्नी कि दूर की एक दोस्त से मिलता हुआ तो मेरे पैर से जमीन निकल गई कि उसने बातचीत के दौरान अपने को आधुनिक बताने के चक्कर में तीन बार जोर देकर बताया की  "हम लोग को शादी के पहले लीव इन में रहते थे"
काफी लडकियों "लिव इन रिलेशन" में रहती है, "लिन इन रिलेशन" का मतलब "रखैल रखना" ही तो हुआ ? लेकिन चूँकी हम लोग इंग्लिस का शब्द फेशन में ले आये तो शहर में "रखैल रखना" बडी आम बात हो गई है । अभी कोर्ट का फैसला आया की "लिव इन रिलेशन" में रहने वाली औरत को पत्नी के अधिकार मिलेंगे । हम लोग बडे परेशान हुये कि इतना बडा फैशला आ गया लेकिन कोई ध्यान ही नही दे रहा है । इसका समाधान अंकुर गुप्ता भाई ने किया। इन्होने बस इतना किया की पोस्टर में "भारत की ये दशा , लिन इन को मिली कानूनक वैधता" लिखने की जगह "कोर्ट ने कहा की रखैल रखना गलत नही" लिख  दिया । इतना लिखते है फेसबुक पर धडाधड शयर भी हुआ और मुद्दे की वास्तविकता को लोगो ने समझा । 

सिर्फ शब्दो के हेरफेर से कितनी बुराईयों बच सकते है ।


६) जब भी कंपनी में मुझसे कोई पूछता है की बीयर लाये है पीयोगे तो मेरा जबाव होता है कि "मै दारू नी पीता हूँ" । इसी प्रकार से जब भी मेरे ३ मीटर से दायरे कोई सिगरेट पीता है तो साफ मना कर देता हूँ और बोलता हूँ कि "यार धुँआ थोडा साईड में होकर पियो, मुझे धुँयें से दिक्कत है" ।

दिल्ली से हौजखास विलेज से साकेत तक काफी जगह लिखा होता है की "Special discount for ladies on beer", इसकी जगह ये लिखा हो तो - "महिलाओं के लिये दारू में विशेष छूट" ??

7) बडे शहरों में बदनाम गलियाँ होती है, जहाँ वेश्या रहती है । अगर कोई वेश्या फिल्मो में काम करने लगे तो आप क्या कहेंगे ? क्या आप इस बात की स्वीकारेंगे ? वेश्या तो मजबूरी में या फिर अधिकांश  तौर पर जबरदस्ती पर लगाई जाती है । लेकिन उन अमीर लडकियों को क्या बोले जो पेट की भूख के लिये नही बल्कि पैसे की भूख के लिये इस काम में लगी है । सनी लियोनी जैसे लडकियों को क्या बोले जो "नंगे बदन दो दो, तीन तीन लोगो से साथ खुले आम सेक्स करती हो और उसके ऐसे विडीयो इंटरनेट पर खूब सारे उपलब्ध है" ?? भारत में कभी इतनी ज्यादा नीचता हुई ही नही तो शब्द कहाँ से मिलेंगे ? खैर एक शब्द है - "रंडी" । गलत लोगो को गलत नाम बोलता गलत थोडे ही है । इंगलिस में बोले तो - "Sunny Leone is a porn star" इसी बात को हिंदी में बोलो - "सनी लियोनी रंडी है" । और २ दिन पहले ही इसकी जैकपोट फिल्म भी रीलीस हुई है , और लोग देखने भी जा रहे है । इससे बडी दुर्दशा क्या हो सकती है ।


भारत का दलाल मीडीया "Sensation Power of Words" को बखूबी समझता है । इसके लिये कभी इंग्लिस का इस्तेमाल करता है कभी हिंदी के ।

जैसे अभी कोर्ट ने बोल दिया है की "समलैंगिता कानूनन गलत है" । इसके लिये "उल्टी बुद्धी के" लोग चर्चा भी कर रहे है । अब खास बात ये है की "समलैंगिक" जैसा शब्द हमारे समाज में ज्यादा प्रचलित नही है । इसलिये हम लोगो को बोलना चाहिये की -- "गे लेस्बीयन कानूनन गलत है और सही फैसला आया" ।
मीडीया वाले वो ही शब्द चुनते है जिससे उनका मरोरथ हासिल हो । तो हमें भी वही शब्द चुनना चाहिये जो सही हो और मातृभाषा का हो ताकी मुद्दा सही से पकड में आ सके ।












--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘

Tuesday, 3 December 2013

धारा 370 की वजह से ........

धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लागु नहीं है ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTE लागू नहीं है ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में CAG लागू नहीं होता ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में भारत का कोई भी कानून लागु नहीं होता ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में महिलावो पर शरियत कानून लागु है ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में पंचायत के अधिकार नहीं ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में चपरासी को 2500 ही मिलते है ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में अल्पसंख्यको को 16 % आरक्षण नहीं मिलता ।
धारा 370 की वजह से कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते है ।
धारा 370 की वजह से ही पाकिस्तानियो को भी भारतीय नागरीकता मिल जाता है । इसके लिए पाकिस्तानियो को केवल किसी कश्मीरी लड़की से शादी करनी होती है ।


--
┌─────────────────────────┐
│  नरेन्द्र सिसोदिया
│  स्वदेशी प्रचारक, नई दिल्ली
│  http://narendrasisodiya.com
└─────────────────────────┘