Sunday, 27 July 2014

गौमाता के दूध से हुए चमत्कारिक लाभ

गाय के दूध से हुए चमत्कारिक लाभ-
    मैं मयंक गुप्ता, उम्र ३१ साल, लक्ष्मण विहार, गुङगाँव में रहता हूँ मोबाइल नंबर- ९३१००६०७४९
लगभग ३० साल तक भैंस का दूध पिया( अधिकतम भैस बाकी पैकट वा दोगुली गायों का कुछ समय)।
   जनवरी २०१४ से लगातार भारतीय नस्ल की गौमाता का दूध पीने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इन ६ माह में जो लाभ मैंनें अनुभव किये वो साझा कर रहा हूँ।
१) पहले हमेशा कब्ज रहती थी। ४-५ बार संडास जाना होता था ३०-३० मिनट संडास में बैठा रहता था। अब भूल चूका हुँ कब्ज क्या होती है। १०-१० मिनट को दो बार संडास जाता हूँ। तो पहले मेरा लगभग २:३० घण्टा संडास में गुजरता था अब केवल २० मिनट। मतलब २ घण्टा और ज्यादा प्रतिदिन अपने परिवार के साथ के साथ गुजारता हूँ।
२) पहले हर महीनें डाक्टर के जाना होता था। कभी बुखार कभी जुकाम कभी टोनसिल। अब ६ महिनों से ज्यादा हो गये डाक्टर के पास जाना बन्द हो गया है। बिल्कुल साफ है की पैसों की बचत हो रही है।ये पैसे में अब परिवार की उन्नति के लिए खर्च करता हूँ।
३) पहले ये सुना था की गाय के दूध में पतली मलाई पङती है। लेकिन जब उपयोग किया तो जाना कि मलाई उतनी ही मोटी आती है। बशर्ते गौमाता को अच्छी खुराक दी जाती हो नाकी बाहर केवल सूखी रोटी खाने को छोङ दिया जाता हो।
  मतलब अब घर निकाला हुआ घी  प्रयोग करता हूँ।
४)अब धर्मपत्नी घर पर ही पनीर और खोया बना लेती है जो अती स्वादिष्ट होते है। पहले काफी कम स्वादिष्ट होते थे। मतलब अब शाही पनीर,  पनीर भुजिया, खोया पनीर खाने होटल नहीं जाना होता सब घर पर ही बनते है। यानी मेरे घर पर ये उक्ति चरितार्थ हो रही है "घी बनाये खीचङी। नाम बहू को होय।"
५) पहले डाढ़ी (सेबिंग) कराने बाहर जाता था काफी देर तक गालों में जलन होती थी। अब क्च्चे दूध से डाढी बनाता हूँ बहुत ही सुखद अहसास होता है।
६) एक गजब का अनुभव साझा करना चाहता हूँ। पहले ठंड में बहुत अधिक ठंड और गर्मी में बहुत अधिक गर्मी लगती थी। अब इस समस्या से भी छुटकारा मिल गया है।

  मुझे ६ माह में ये समझ आ गया है की भारतीय नस्ल की गाय का दूध पीने से स्वास्थ, समय और पैसा तीनों की बचत हो रही है।
   जैसे जैसे समय बीतेगा और भी अनुभव साझा करूँगा।
  बस यही आशा करता हूँ-
"धेनुं शरणम् गच्छामि"



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Narendra Sisodiya
UI Architect @
Unicommerce
Delhi - Bharat (India)

Saturday, 12 July 2014

हमारी माँग - जन निधिकरण मंत्रालय

जन निधिकरण मंत्रालय (Crowd Funding Ministry)
मुझे ये अभी तक समझ में नही आता की सरकार टेक्स भरने के विज्ञापन भी अखबार वालो को देती है और टेक्स बचाने वाली स्किम का भी । जनता वो वैसी ही पैसे बचाने की जुगत में थी और आप और टेक्स बचाने के लिये बोल रहे हो । साफ साफ विज्ञापन दो की आपके पैसे से देश का भला होगा इसलिये आप पैसे दे दो ।
मै इस बात को जोर देकर बोलता हूँ की सरकार को एक जन निधिकरण मंत्रालय बना देना चाहिये । चौकिये मत लेकिन अब जमाना बदल गया है, इंटरनेट का जमाना आ गया है, इस जमाने में नई आयाम संभव है वो हमने पहले सोचे भी नही थे । वैसे जन निधिकरण को अंग्रेजी में Crowdfunding बोलते है, इसका मलतब ये हुआ की बहुत सारे लोग मिलकर थोडा थोडा पैसा इंटरनेट के माध्यम से किसी एक जगह पर जमा कर दे तो वो एक बहुत बडी रकम बन जाती है।
भारत में काफी लोग ऐसे है वो की खास कारण से हेतु किसी भी परिस्थिती में पैसा निकाल सकते है । अगर सरकार एक ऐसी बेबसाईट बना दे की जिस पर बहुत सारी योजनाये लिखी हो और जिनके लिये पैसे की कमी हो तो भारत के लोग उस पर क्लिक करके ओनलाईन १ रूपये से लेकर १०० रूपये जमा कर सकते है । ठीक वैसे ही जैसे हम अपनी ओनलाईन टिकट बुक कराते है या शोपिंग करते है ।
अभी मुझे नही पता की मेरे से वसूला टेक्स कोन सी योजना में लगा । जन निधिकरण से जनता को ये अधिकार मिल जायेगा की वो अपनी मनपसंद योजना में और पैसे डाल दे । अगर सरकार आईआईटी के नवीनीकरण के लिये सोच रही है, सरकार को चाहिये की आप जन निधिकरण की बेबसाईट पर जाकर उसको लिस्ट कर दे । आपको अगले ही कुछ दिनो में जरूरत से कही ज्यादा पैसे मिल जायेंगे । बहुत सारे इंजीनीयर है जो भारत और भारत के बाहर है वो दिल खोल कर दान करेंगे ।
उदाहरण के तौर पर गंगा के उद्धार के लिये २०७० करोड मिले । आप ऐसी बेबसाईट बनाके तो देखो, बोल के तो देखो , अगर भारत के ५% जनता भी ओनलाईन आके ४०० रूपये दान करेगी तो २००० करोड तो वैसे ही हो जायेंगे । युद्ध के समय पैसे जमा करने का मुद्दा हो या गंगा का, भारत के लोग दिल खोल कर दान करने वाले लोग है आप उनको जबरन और बार बार टेक्स वसूल करके चोर बनाते हो ।


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Narendra Sisodiya
UI Architect @
Unicommerce
Delhi - Bharat (India)