Saturday, 12 July 2014

हमारी माँग - जन निधिकरण मंत्रालय

जन निधिकरण मंत्रालय (Crowd Funding Ministry)
मुझे ये अभी तक समझ में नही आता की सरकार टेक्स भरने के विज्ञापन भी अखबार वालो को देती है और टेक्स बचाने वाली स्किम का भी । जनता वो वैसी ही पैसे बचाने की जुगत में थी और आप और टेक्स बचाने के लिये बोल रहे हो । साफ साफ विज्ञापन दो की आपके पैसे से देश का भला होगा इसलिये आप पैसे दे दो ।
मै इस बात को जोर देकर बोलता हूँ की सरकार को एक जन निधिकरण मंत्रालय बना देना चाहिये । चौकिये मत लेकिन अब जमाना बदल गया है, इंटरनेट का जमाना आ गया है, इस जमाने में नई आयाम संभव है वो हमने पहले सोचे भी नही थे । वैसे जन निधिकरण को अंग्रेजी में Crowdfunding बोलते है, इसका मलतब ये हुआ की बहुत सारे लोग मिलकर थोडा थोडा पैसा इंटरनेट के माध्यम से किसी एक जगह पर जमा कर दे तो वो एक बहुत बडी रकम बन जाती है।
भारत में काफी लोग ऐसे है वो की खास कारण से हेतु किसी भी परिस्थिती में पैसा निकाल सकते है । अगर सरकार एक ऐसी बेबसाईट बना दे की जिस पर बहुत सारी योजनाये लिखी हो और जिनके लिये पैसे की कमी हो तो भारत के लोग उस पर क्लिक करके ओनलाईन १ रूपये से लेकर १०० रूपये जमा कर सकते है । ठीक वैसे ही जैसे हम अपनी ओनलाईन टिकट बुक कराते है या शोपिंग करते है ।
अभी मुझे नही पता की मेरे से वसूला टेक्स कोन सी योजना में लगा । जन निधिकरण से जनता को ये अधिकार मिल जायेगा की वो अपनी मनपसंद योजना में और पैसे डाल दे । अगर सरकार आईआईटी के नवीनीकरण के लिये सोच रही है, सरकार को चाहिये की आप जन निधिकरण की बेबसाईट पर जाकर उसको लिस्ट कर दे । आपको अगले ही कुछ दिनो में जरूरत से कही ज्यादा पैसे मिल जायेंगे । बहुत सारे इंजीनीयर है जो भारत और भारत के बाहर है वो दिल खोल कर दान करेंगे ।
उदाहरण के तौर पर गंगा के उद्धार के लिये २०७० करोड मिले । आप ऐसी बेबसाईट बनाके तो देखो, बोल के तो देखो , अगर भारत के ५% जनता भी ओनलाईन आके ४०० रूपये दान करेगी तो २००० करोड तो वैसे ही हो जायेंगे । युद्ध के समय पैसे जमा करने का मुद्दा हो या गंगा का, भारत के लोग दिल खोल कर दान करने वाले लोग है आप उनको जबरन और बार बार टेक्स वसूल करके चोर बनाते हो ।


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Narendra Sisodiya
UI Architect @
Unicommerce
Delhi - Bharat (India)